पुस्तक लोकार्पण का दिन रहा पुस्तक मेला
SUNIL VERMA
रांची: स्थानीय जिला स्कूल मैदान में समय इंडिया, नई दिल्ली के तत्वावधान में जारी 10 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेला में रविवार पुस्तक प्रेमियों के लिए पुस्तकें चुनने और खरीदनें का अन्तिम दिन होगा। मेले का समापन अपराह्न तीन बजे झारखंड सरकार के केन्द्रीय कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पा नेहा तिर्के के उद्बोधन से होगा, लेकिन पुस्तक मेला 9.30 बजे रात तक जारी रहेगा। पुस्तक प्रेमियों से अनुरोध है कि पुस्तकें आपके शहर से सिमटें उससे पहले ही चुन और खरीद लें।
पुस्तक लोकार्पण का दिन रहा: पुस्तक मेला की शुरुआत से लेकर पुस्तक लोकार्पण का जो सिलसिला चला वह शनिवार तक जारी रहा। पुस्तक लोकार्पण का सिलसिला जारी रहा। मेले में कवि एवं ग़ज़लकार हिमकर श्याम के ग़ज़ल संग्रह दिल बंजारा का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय पुस्तक मेला के आयोजक एवं समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चन्द्र भूषण ने किया। वक्ताओं ने कैंसर रोग से पीड़ित श्री श्याम की रचनाशीलता की भरपूर सराहना की और उनसे आगे भी सृजनशील रहने का अनुरोध किया। इसी कड़ी में डाॅ. कुमुद की दो महत्वपूर्ण पुस्तकों महिला उपन्यासकार और हमारा समाज एवं लड़ेंगे तो जीतेंगे का लोकार्पण हुआ। उल्लेखनीय है कि डाॅ. कुमुद की दोनों ही पुस्तकों का प्रकाशन समय प्रकाशन, नई दिल्ली ने किया है। लड़ेंगे तो जीतेंगे डाॅ. कुमुद की 1978 से 1983 के बीच हुए बोधगया भूमि आन्दोलन पर आधारित एक ऐसी पुस्तक है जिसे उन्होंने आन्दोलन के उन तमाम साथियों को समर्पित किया है जिन्होंने जमींदारों और शासकांे के अन्याय के विरुद्ध लड़ने एवं पीड़ितों को सम्मान पूर्वक जीवन जीने का रास्ता दिखाया। लोकार्पण की इसी कड़ी में गीतांजलिश्री की एक और पुस्तक माँ प्रकृति कविता संग्रह का लोकार्पण भी हुआ। एक तरह से पुस्तक मेला पुस्तकों को पाठकों से रूबरू कराने का सशक्त मंच बना।
भोजपुरी कवि सम्मेलन सम्पन्न: पुस्तक मेला में जारी कवि सम्मेलन की परंपरा में पुस्तक मेला सभागार मंच पर झारखंड भोजपुरी विकास केन्द्र की ओर से भोजपुरी कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस कवि सम्मेलन का संयोजन राष्ट्रीय पुस्तक मेला के आयोजक और समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चन्द्र भूषण ने किया। मुख्य अतिथि रहे रांची विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. जे.बी. पाण्डेय, और अध्यक्षता की डाॅ. उर्मिला सिन्हा ने। कवि सम्मेलन का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ जिसे सुनीता सिन्हा प्रस्तुत किया। कवियों का स्वागत पूनम वर्मा और चन्द्र भूषण ने किया। कवि सम्मेलन का संचालन रिम्मी वर्मा और धन्यवाद ज्ञापन सविता गुप्ता ने किया। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक रामजी यादव और सचिव विनोद सिंह गहरवार उपस्थित रहे। जिन कवियों ने अपनी भोजपुरी कविताओं से श्रोताओं को भाव विभोर किया और कविता में मौजूद अपनी माटी की गंध और धड़कन महसूस कराया उनमें निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव, पूनम वर्मा, रिम्मी वर्मा, सविता गुप्ता, विम्मी प्रसाद, पुष्पा पाण्डेय, अर्पणा सिंह, जीतेन्द्र दुबे, पंकज कुमार सिंह और डाॅ. उर्मिला सिन्हा प्रमुख रहीं। काव्य प्रेमियों ने इसे सुना और सराहा।
बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आज: पुस्तक मेले में बच्चों के लिए जारी विभिन्न प्रतियोगिताओं की कड़ी में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। इस प्रतियोगिता में विभिन्न वेशभूषा में सजे बच्चों ने जहाँ मेले को अनेकता में एकता के रंग में रंगा वहीं विभिन्न व्यक्तित्वों को अपने विविध परिधानों से प्रदर्शित कर जीवंत किया। पुस्तक प्रेमियों ने इसे देखा और सराहा। पुरस्कार वितरण आज: दस दिनों चले पुस्तक मेला के दौरान जो बच्चों के लिए विविध प्रतियोगिताएं सम्पन्न हुईं उनके विजेता प्रतिभागियों को रविवार अपराह्न 3.00 बजे झारखंड सरकार की केन्द्रीय कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्के के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा। यह जानकारी समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चन्द्र भूषण ने दी। सायं 4.50 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा जिसमें रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत होंगे।
