भारतवर्ष के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट जरासंध महाराज की मूर्ति को असामाजिक तत्वो द्वारा खंडित करने पर चंद्रवंशी समाज में भारी आक्रोश
AMRESH KUMAR
कोडरमा: विगत दिनों बिहार गयाजी जिले के बोधगया के धनवा मे मगथ सम्राट जरासंध महाराज जो महाभारत काल के सबसे शक्तिशाली राज्य मगथ का सम्राट जरासंध भारतवर्ष के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट थे। जिनकी मूर्ति को असामाजिक तत्वो द्वारा खंडित कर दिया गया। जिसका कड़ी निंदा करते हुए चंद्रवंशी विकास मंच कोडरमा अध्यक्ष सह अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के केंद्रीय सचिव चंद्रवंशी दीपक कुमार नवीन, मंच सचिव चंद्रवंशी महेश भारती ने संयुक्त रूप से प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि इससे चंद्रवंशी के मान सम्मान को ठेस पहुचा है। जिससे चंद्रवंशी समाज पूर्ण रूप से आहात है।जिसके चलते चंद्रवंशी समाज के अंदर काफी आक्रोश है। इसलिए चंद्रवंशी विकास मंच कोडरमा जिला कमिटी मुख्य संरक्षक रामेश्वर राम रवानी, जय प्रकाश राम, उमेश राम, प्रवीण चंद्रा, सीताराम चंद्रवंशी (भगत जी )ओम प्रकाश राम, उपेंद्र वर्मा, महेंद्र राम, अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के राज्य महासचिव चंद्रवंशी राहुल वर्मा, तिलैया से सुधीर चंद्रवंशी, विनोद रवानी ( धनबाद) पिपचो से सकलदेव राम, कोषाध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, उपाध्यक्ष रवि राम, मीडिया प्रभारी दीपक चंद्रवंशी, अरुण राम, रंजीत राम, अजय चंद्रवंशी, मनोज राम, मुकेश राम आदि चंद्रवंशी विकास मंच के तमाम सदस्यों ने भी विरोध प्रकट करते हुए बोधगया (बिहार) प्रशासन से मांग करती है कि आसमाजिक तत्वो की अविलंब पहचान कर गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए। एवं बिहार सरकार उक्त क्षतिग्रस्त प्रथम चक्रवर्ती सम्राट जरासंध महाराज की मूर्ति को पुनः स्थापित करे अन्यथा झारखंड बिहार सहित पूरे देश में आंदोलन तेज होगा।
