Eksandeshlive Desk
काठमांडू : नेपाल के ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में सर्दियों की बारिश होने से कहीं उत्साह है, तो कहीं इससे जनजीवन और कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। बुधवार दोपहर से मौसम में बदलाव के बाद देश के उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी हुई। इसी तरह राजधानी काठमांडू सहित पहाड़ी और मैदानी इलाके में पूरी रात भारी बारिश के कारण आमतौर पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। पर्यटकीय क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण उन क्षेत्रों के होटल व्यापारी खुश हैं और पर्यटकों की काफी भीड़ दिखाई दे रही है, जबकि कृषकों के लिए भारी बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। बुधवार की शाम से तेज आंधी के साथ ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात हुआ था। लगातार एक-दो दिन के अंतराल पर हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण ऊपरी क्षेत्रों में चराई के लिए गए याक जैसे पशु के बाड़े प्रभावित हुए हैं।
अप्रैल महीने के दूसरे सप्ताह तक बर्फबारी जारी रहने से ठंड बढ़ गई है। निचले क्षेत्रों में आलू की गुड़ाई के समय हो रही ओलावृष्टि सहित नियमित बारिश के कारण किसान फसल खराब होने की चिंता में हैं। हालांकि, मक्का बो चुके किसान खेत में नमी होने से अंकुरण अच्छा होने की उम्मीद में खुश नजर आ रहे हैं। बर्फबारी के बाद होटल व्यवसायी आंतरिक पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद से उत्साहित हैं। इन स्थानों पर घूमने और दर्शन के लिए गए पर्यटकों के वाहन बर्फबारी के कारण रास्ते में फंस गए हैं। पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटक गांव बेदिङ और नामा में भारी हिमपात के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बर्फबारी के कारण लुम्नाङ से याक और चौरी लेकर लप्ची पहुंचे बिगु गांवपालिका-1, लप्ची के स्थानीय निवासी भी प्रभावित हुए हैं। ठंड से बचने के लिए लुम्नाङ में रहने वाले लप्ची के अप्रैल लगते ही याक और चौरी लेकर लप्ची की ओर लौटते हैं। इस वर्ष देर से लप्ची लौटने के बावजूद लगातार बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है और घर से बाहर निकलना भी कठिन हो गया है।
