चीनी विदेश मंत्रालय के बयान को प्रधानमंत्री ओली के सलाहकार ने किया खारिज

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आर्थिक सलाहकार डॉ. युवराज खतिवडा ने चीनी विदेश मंत्रालय के उस बयान को झूठ बताया है, जिसमें कहा गया है कि नेपाल ने ग्लोबल सिक्योरिटी इनिशिएटिव (जीएसआई) के लिए समर्थन व्यक्त किया है। डॉ. खतिवडा ने कहा कि इस बैठक के दौरान उन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर चर्चा हुई, जिन्हें दोनों पक्ष समझौतों और सहमतियों के कार्यान्वयन के लिए प्राथमिकता देंगे। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) प्लस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री ओली और चीनी राष्ट्रपति शी ने 31 अगस्त को तियानजिन में द्विपक्षीय बैठक की थी।

नेपाल सरकार गुटनिरपेक्ष विदेश नीति के प्रति प्रतिबद्ध : बैठक के बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नेपाल ने चीन के प्रस्तावित वैश्विक विकास पहल (जीडीआई), वैश्विक सुरक्षा पहल (जीएसआई) और वैश्विक सभ्यता पहल (जीसीआई) का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री ओली तथा चीनी राष्ट्रपति शी के बीच बैठक में शामिल डॉ. खतिवडा ने कहा कि नेपाल सरकार, नेपाल के संविधान और गुटनिरपेक्ष विदेश नीति के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी भी देश की सुरक्षा रणनीति का हिस्सा नहीं बनेगी। खतिवडा ने कहा कि प्रधानमंत्री ओली की यात्रा मुख्यतः एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए है। शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बातचीत में किसी समझौते या सहमति पर हस्ताक्षर नहीं किए गए। जिस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं है, उस पर नेपाल को जीएसआई का एक पक्ष बताना पूरी तरह से गलत है।

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