छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 1.41 करोड़ के इनामी 52 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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Eksandeshlive Desk

बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार काे बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव और सीआरपीएफ के अधिकारियों के समक्ष 1.41 करोड़ के इनामी कुल 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। तय समय सीमा के लक्ष्य 2026 से पहले नक्सली संगठन पूरी तरह से सिमटने लगा है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियाें के 52 कैडरों में डीवीसीएम-1, कंपनी न.7 के –2 सदस्य, पीपीसीएम-3, एसीएम -10, डिवीजन एवं ब्यूरो पार्टी सदस्य -8, प्लाटून एवं एरिया कमेटी पार्टी सदस्य- 9, मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर- 3, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर -1, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-3, पीएलजीए सदस्य-1 एवं अलग अलग आरपीसी के सीएनएम/डीएकेएमएस जनताना सरकार अध्यक्ष -11 नक्सली कैडर शामिल हैं। जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है।

बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि सीआरपीएफ और सुरक्षाबलों के प्रयासों से 52 नक्सली मुख्यधारा में वापस लौटे हैं। जिसमें 1.41 करोड़ इनाम के 21 महिला कैडर और 31 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक विचारधारा से स्वयं को अलग कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपनाया है। इनमें बड़े कैडर के नक्सली भी शामिल हैं। सरकार की योजनाओं और सुरक्षाबलों द्वारा लगातार चलाये जा रहे नक्सल विराेधी से यह सफलता प्राप्त हुई है। उन्हाेंने बताया कि बीजापुर जिले में 01 जनवरी 2024 से अब तक कुल 824 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 1126 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं और 223 नक्सली विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक नक्सली कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप 50 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई। आत्मसमर्पित 52 नक्सली कैडरों के समाज में पुनर्वास और पुनर्समावेशन के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया जारी है। बीजापुर एसपी ने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि नक्सली भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शासन की ‘पूना मारगेम’ नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है।

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