चिकित्सकों की सूझबूझ से बची गले कटे मरीज की जान

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sunil
रांची : सदर अस्पताल में शनिवार को अनगड़ा निवासी एम तिर्की गला कटे मरीज की चिकित्सकों की सूझबूझ से जान बची। लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर अजीत कुमार के नेतृत्व में एवं हेड एंड नेक सर्जन डॉ अजय कुमार विद्यार्थी के मार्गदर्शन मे प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर तन्मय प्रसाद एवं एनेस्थीसिया के चिकित्सकों के सहयोग से गंभीर मरीज की अस्पताल आने के 15 मिनट के अंदर आपरेशन शुरू कर दिया। ग्राम:-जरगा, थाना- अनगड़ा,रांची का रहने वाला 24 वर्षीय मरीज एम तिर्की सदर अस्पताल रांची के इमरजेंसी में गंभीर हालत में आया था उसका गला बहुत गहरा सांस की नली तक कटा हुआ था। उसके घर वाले गले के ऊपर गमछा लपेटकर लेकर आए थे जो की खून से लथपथ था। जिसे देखते हुए सर्जरी ओपीडी के चिकित्सक डॉ अजीत कुमार ने तत्काल हेड एंड नेक सर्जन,विद्यार्थी सर एवं प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर तन्मय प्रसाद से बात की और सिस्टर इंचार्ज को ओटी को तुरंत तैयार करने का निर्देश दिया। इस बीच डॉक्टर अजीत ने अपने उच्च पदाधिकारीयों और पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी। साथ ही साथ डॉक्टर अजीत ने एनेस्थीसिया के इंचार्ज डॉक्टर नीरज से भी बात की और उनसे अनुरोध करके आॅपरेशन थिएटर को जल्द तैयार कराया। आॅपरेशन लगभग 2 घंटे चली जिसमें उन्हें सांस लेने के लिए एक अलग रास्ता बनाना पड़ा। टीम भावना से काम करते हुए तत्काल खून जांच, एबीजी सेरोलॉजी कराई गई एनेस्थीसिया के डॉक्टरों ने अपनी तैयारी करके रखी थी, मरीज को तुरंत बेहोश करके आॅपरेशन शुरू कर दिया गया। जो कि लगभग 2 घंटे चला अभी मरीज आईसीयू में डाक्टर अजीत एवं आईसीयू के चिकित्सकों की निगरानी में है , अभी मरीज के लिए अगले 72 घंटे काफी महत्वपूर्ण है। आॅपरेशन बिल्कुल नि:शुल्क हुआ। सिविल सर्जन डॉक्टर प्रभात कुमार एवं उपाधीक्षक डॉक्टर विमलेश सिंह ने पूरी टीम को त्वरित कार्रवाई करने के लिए हार्दिक बधाई दी। आॅपरेशन करने वाली टीम में हेड एंड नेक सर्जन डॉ अजय कुमार विद्यार्थी,सदर के लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर अजीत कुमार, प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर तन्मय प्रसाद,एनेस्थीसिया विभाग के इंचार्ज डॉक्टर नीरज, डॉक्टर वसुधा गुप्ता,डॉ आंचल, डॉ विकास बल्लभ,ओटी की सिस्टर इंचार्ज स्नेहलता,संतोष ,कंचन ,संजू, सीमा,सुरेश,नंदिनी, विरंजन मौजूद थे ।

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