Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम/रांची : शहर के सबसे चर्चित अपहरण मामलों में शामिल कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी को आखिरकार 14 दिनों बाद सकुशल मुक्त करा लिया गया है। मंगलवार तड़के करीब चार बजे झारखंड के बरही के पास जीटी रोड पर अपहरणकर्ताओं ने कैरव को छोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया। कैरव की वापसी से परिवार के साथ-साथ पूरे शहर ने राहत की सांस ली है। पुलिस के अनुसार, कैरव गांधी अपहरण कांड की जांच के दौरान जमशेदपुर पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि लगातार की जा रही छापेमारी और बढ़ते पुलिस दबाव के कारण अपहरणकर्ता कैरव को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी और टीमों को सतर्क कर दिया। लगातार दबाव और पकड़े जाने के डर से अपहरणकर्ता चौपारण–बरही खंड के बीच जीटी रोड पर ही कैरव को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कैरव गांधी को सकुशल बरामद किया और परिजनों के आग्रह पर उन्हें सुरक्षित उनके आवास तक पहुंचाया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर न तो पुलिस की ओर से विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई और न ही परिवार ने कोई आधिकारिक बयान दिया है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। शहर में यह चर्चा है कि यदि कैरव की बरामदगी सीधे पुलिस कार्रवाई में हुई होती, तो औपचारिक रूप से इसकी जानकारी साझा की जाती, लेकिन फिलहाल पुलिस दबाव में अपहरणकर्ताओं द्वारा छोड़े जाने की बात सामने आई है। उल्लेखनीय है कि सीएच एरिया में एसएसपी आवास के पड़ोस में रहने वाले कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी का 13 जनवरी को अपहरण कर लिया गया था।
कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी, परिवार ने शहरवासियों का जताया आभार : करीब 14 दिनों तक रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता रहे उद्यमी सह एशिया उपाध्यक्ष देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी की मंगलवार तड़के सुरक्षित बरामदगी के बाद शहर में राहत और सुकून का माहौल है। मंगलवार सुबह लगभग 10:30 बजे देवांग गांधी अपने पुत्र कैरव गांधी के साथ आवास की बालकनी में आए और हाथ जोड़कर शहरवासियों, मीडिया कर्मियों तथा पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया। इस दौरान देवांग गांधी ने कहा कि बीते 13–14 दिन उनके पूरे परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक और कठिन रहे। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में जमशेदपुर के लोगों की प्रार्थनाएं, समर्थन और एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। उन्होंने मीडिया और पुलिस प्रशासन का भी आभार जताया, जिन्होंने लगातार मामले पर नजर बनाए रखी। वहीं कैरव गांधी ने भी संक्षिप्त रूप से हाथ जोड़कर सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद कहा, हालांकि उन्होंने अपनी आपबीती या वापसी से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं की और न ही किसी सवाल का जवाब दिया। कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी के बावजूद पूरा मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। वह 13 दिनों तक कहां रहे, किन परिस्थितियों में थे और उनकी बरामदगी कैसे हुई—इन सभी सवालों पर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी अब तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है,जिससे तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आना बाकी है। इसी बीच जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गांधी परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी राहत की बात है, लेकिन पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आना अभी बाकी है। सरयू राय ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कैरव गांधी की बरामदगी हजारीबाग इलाके से हुई है, हालांकि उन्होंने भी पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार करने की बात कही। फिलहाल कैरव गांधी की घर वापसी से शहर में खुशी और राहत का माहौल है, वहीं लोग इस बहुचर्चित मामले की पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
आदित्य साहू बोले-अपहृत कैरव गांधी का भाजपा के दबाव और आंदोलन से हुई बरामदगी : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने जमशेदपुर के व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के सकुशल बरामदगी पर कहा कि यह सुखद खबर भाजपा के आंदोलन और दबाव का परिणाम है। साहू ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी,अर्जुन मुंडा,रघुवर दास,मधु कोड़ा,चंपई सोरेन, सांसद विद्युत वरण महतो,डॉ दिनेशानंद गोस्वामी,विधायक पूर्णिमा साहू सहित जिलाध्यक्ष एवं पार्टी कार्यकर्ताओं का भी पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न घटे इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की जिम्मेवारी है राज्य की जनता की सुरक्षा प्रदान करें। लेकिन जिस प्रकार से राज्य में अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है, इससे पुलिस प्रशासन से जनता का भरोसा उठ रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य आज अपहरण,फिरौती,भ्रष्टाचार का केंद्र बनता जा रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी के आंदोलन के बाद लगातार जिस प्रकार से राज्य के कई गरीब मां बाप के बच्चे घर लौटे यह पुलिस बिना आंदोलन के भी कर सकती थी लेकिन लगता है पुलिस अपनी जिम्मेवारी से भाग रही और अपना काम छोड़कर भ्रष्ट राज्य सरकार की टूल किट बन गई है।साहू ने कहा कि अभी भी कई गरीब मां बाप अपने बच्चों की प्रतीक्षा कर रहे। लगभग 50 बच्चों की बरामदगी के बाद अन्य परिवारों को भी उम्मीद जगी है। पुलिस को उनके विश्वास पर खरा उतरना चाहिए।
