आशुतोष झा
काठमांडू: पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने कहा है कि देश को अपनी राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान करने के बाद ही चुनाव कराने चाहिए। राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पूर्व राजा शाह ने दावा किया कि देश इतिहास के एक कष्टदायक दौर में पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि देश को राष्ट्रीय सहमति के साथ आगे बढ़ना चाहिए, यह ध्यान में रखते हुए कि देश में कोई संघर्ष, अशांति या विवाद न हो। उन्होंने कहा कि देश की पहचान संकट में है और अब समय आ गया है कि आत्म-विश्लेषण किया जाए कि इन सभी परिवर्तनों ने नेपाल और नेपालियों को क्या दिया है।शाह ने कहा है, ‘हमारे दुश्मन गरीबी और अस्थिरता हैं। लेकिन हमें एक नेपाली को दूसरे का दुश्मन मानने की अवांछनीय संस्कृति को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। इसी वजह से देश आज इतिहास के एक दर्दनाक दौर से गुजर रहा है।’
उन्होंने कहा कि आज के कठिन हालात में देश में आपसी संघर्ष और नफरत को खत्म करना जरूरी है। ‘लोकतंत्र में यह अनिवार्य है कि राज्य व्यवस्था और प्रक्रियाएं संवैधानिक मानदंडों के अनुसार चलें।’ शाह ने कहा, ‘यद्यपि समय-समय पर चुनाव लोकतंत्र में प्रतिनिधियों के चयन की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन वर्तमान जनभावना यह है कि आगामी चुनाव प्रक्रिया की ओर बढ़ना तभी उचित होगा जब देश की राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान हो जाए, और यह सही दिशा में तभी होगा जब राष्ट्रीय सहमति और सभी को शामिल करने वाली समझ बन जाए, यह ध्यान में रखते हुए कि चुनाव के बाद कोई संघर्ष, अशांति या विवाद न हो।’पूर्व राजा शाह ने कहा कि केवल अधिकारों की तलाश करने और कर्तव्यों के बारे में न सोचने का चलन बढ़ रहा है।
