Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली/देवघर/उज्जैन : शिव उपासना के महापर्व महाशिवरात्रि पर आज रविवार को सारे देश के मंदिरों खासतौर पर शिवालयों, मां गंगा- यमुना और अन्य पावन नदियों, सरोवरों के तटों पर ब्रह्म मुहूर्त लगते ही हर-हर गंगे और ॐ नमः शिवाय की गूंज होने लगी। वाराणसी और उज्जैन के साथ भगवान राम की नगरी शिवमय हो गई है। मध्य प्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर, उत्तर प्रदेश के वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए लोगों की कतार लगी हुई है। लोग जलाभिषेक कर ॐ नमः शिवाय का उद्घोष कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदनी चौक के गौरीशंकर मंदिर और छतरपुर के श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना के लिए सैलाब उमड़ पड़ा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बाबुलनाथ मंदिर में भी ऐसा ही दृश्य है। ओडिशा में तो कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी के समुद्र तट पर 17,000 रुद्राक्ष से शिवलिंग की कलाकृति तैयार कर महाशिवरात्रि को रेत में जीवंत कर दिया है। अयोध्या में राम की पैड़ी में स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर से भव्य शिव बरात निकलेगी। बरात में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। बैंड-बाजा, रथ, भगवान के स्वरूप आकर्षण बढ़ाएंगे। इस बरात का क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर स्वागत किया जाएगा। रात में भगवान भोलेनाथ का धूमधाम से विवाह होगा। शनिवार को यहां पारंपरिक विधि-विधान के साथ भोले बाबा को हल्दी अर्पित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच विवाह के लोकाचार पूरे किए गए। प्रशासन के अनुसार पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें।
देश में सबसे पहले महाकाल मंदिर में हुई महाशिवरात्रि की शुरुआत, रात 2ः30 बजे खुले पट : देशभर में सबसे पहले यहां स्थित महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि की शुरुआत हुई। रात 2ः30 बजे मंदिर के पट खोल दिए गए। परम्परा के अनुसार, इस महापर्व की शुरुआत उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर से हुई। पट खुलते ही पूजा-अर्चना के बाद भस्म आरती में बाबा महाकाल का भांग-चंदन और त्रिपुंड से राजा स्वरूप में दिव्य शृंगार हुआ। वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है कि देश में सभी त्यौहार सबसे पहले भगवान महाकाल के मंदिर में मनाए जाते हैं। भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल के दर्शन शुरू हो गए हैं। श्रद्धालु 44 घंटे तक दर्शन कर सकेंगे। सुबह नौ बजे तक एक लाख 35 हजार श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। रविवार होने के कारण भीड़ तेजी से बढ़ रही है। 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। रात 2:30 बजे प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया। मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में स्थापित सभी प्रतिमाओं का पूजन कर हरिओम का जल अर्पित हुआ। कपूर आरती के बाद पंडे-पुजारियों ने जलाभिषेक किया। फिर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन के बाद बाबा महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप शृंगार किया गया। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ मोगरे और गुलाब से बनी फूलों की माला अर्पित की गई। तड़के हुई भस्म आरती में प्रवेश पासधारी श्रद्धालुओं के साथ-साथ चलित भस्म आरती के दर्शन भी कराए गए। महाकाल मंदिर समिति का दावा है कि पर्व के दौरान औसतन 40 मिनट में दर्शन कराए जा रहे हैं। परंपरा के अनुसार महाकाल को दिनभर जल अर्पित किया जाएगा। चार पहर की पूजा के चलते मंदिर रात भर खुला रहेगा और 16 फरवरी की रात शयन आरती के बाद करीब 10:45 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। यानी करीब 44 घंटे लगातार महाकाल के दर्शन होंगे। इस बार महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर को दक्षिण भारत के नटराज मंदिर की थीम विदेशी फूलों से सजाया गया है। आंगन में रंग-बिरंगी रंगोलियां बनाई गई हैं। इसके साथ ही पूरे महाकालेश्वर मंदिर में जगमग रोशनी लगाई गई है। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया है कि “मंदिर में पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त आ रहे हैं। भस्म आरती में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। भक्तों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सही इंतजाम किए गए हैं।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने लोगों को महाशिवरात्रि की दी शुभकामनाएं : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने रविवार को देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर कहा, “महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। मेरी प्रार्थना है कि महादेव की कृपा हम सभी पर सदा बनी रहे और हमारा देश प्रगति के पथ पर सदैव अग्रसर रहे।” उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि काशी से रामेश्वरम् तक, महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व भारत की अखंड और शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। महादेव और माता पार्वती की कृपा से हम सभी को सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो यही मंगलकामना है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा, “देशभर के मेरे परिवारजनों को महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।” ‘हेराथ पोश्ते’ के अवसर पर सभी के जीवन में खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमारे कश्मीरी पंडित समुदाय की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है। यह उत्सव सफलता के नए रास्ते खोले और हर घर को आनंद एवम संतोष से भर दे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस पावन अवसर पर देवाधिदेव महादेव सभी के जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करें। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देवाधिदेव महादेव से सभी के कल्याण और देश की खुशहाली व समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पावन अवसर पर मैं कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि समारोह में शामिल होने जा रहा हूं। मुझे इसका बेसब्री से इंतजार है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटनमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि देवाधिदेव महादेव से सभी के कल्याण और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं। केंद्रीय कपड़ामंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह केवल व्रत, उपवास या पूजन की रात नहीं, यह आत्मा का शिवत्व से साक्षात्कार करने का अवसर है। यह अंतर्मन की अशुद्धियों को त्यागकर तप, त्याग और सत्य के पथ पर अग्रसर होने का संकल्प है।
