UJWAL BHASKAR
टाटीझरिया/हजारीबाग: टाटी झरिया प्रखंड अंतर्गत दूध मटिया वन क्षेत्र में सोमवार को सिद्धू कानू संथाल समिति, टाटीझरिया के तत्वावधान में पारंपरिक दिशोम सोहराय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संथाल समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमी खुशबू मिंज, वहीं बतौर विशिष्ट अतिथि प्रमुख संतोष मंडल, ऐतो बास्के- संथाल समाज मांझी परगना दिशोम जोगवा एवं ऑल संथाल स्टूडेंट यूनियन एवं यंग ब्लड आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष मनोज टुडू उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आदिवासी संथाल समाज के हजारों महिला, पुरुष, बुजुर्ग, बच्चे एवं युवा वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्व की गरिमा को और बढ़ाया।
दिशोम सोहराय के अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने मांदर, नगाड़ा और बांसुरी की थाप पर आकर्षक नृत्य व गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं, भव्य शोभायात्रा निकालकर समाज की एकजुटता, प्रकृति-पूजन और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया गया। पूरा वन क्षेत्र संथाल संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि दिशोम सोहराय केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संथाल समाज की पहचान, प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक जीवन मूल्यों का प्रतीक है। प्रमुख संतोष मंडल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है और आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। मनोज टुडू ने कहा कि दिशोम सोहराय प्रेम का प्रतीक है। दिशोम सोहराय मूलतः संथाल और अन्य आदिवासी समाजों का फसल कटाई तथा प्रकृति को धन्यवाद देने वाला पर्व है। यह त्योहार खेती-बाड़ी की कठिन मेहनत और वर्ष भर प्राप्त उपज के लिए कृतज्ञता व्यक्त करता है। आयोजकों ने सफल आयोजन के लिए समाज के सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा। समारोह के सफल आयोजन में सिद्धू कानू संथाल समिति टाटीझरिया के अध्यक्ष अशोक किस्कू, सचिव अनिल मूर्मू, कोषाध्यक्ष हरिलाल मुर्मू, डेगलाल बेसरा, राजेन्द्र टुडू, अनिल बास्के, गणेश मुर्मू, नागेश्वर हेंब्रम, शनि सोरेन, बिरसा हांसदा, अशोक मुर्मू सहित समाज के गणमान्य लोगों ने अहम किरदार अदा किया।
