दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की मास्टर डिग्री लेने वाली सपना प्रधान मल्ल बनीं नेपाल की कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : नेपाल के सर्वोच्च अदालत के प्रधान न्यायाधीश प्रकाशमान सिंह राउत के सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने बुधवार को कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश का कार्यभार संभाला है। दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून विषय में स्नातकोत्तर करने वाली न्यायाधीश मल्ल ने भारत में अध्ययन ही नहीं किया, बल्कि न्याय क्षेत्र के अनेक कार्यक्रमों में वो लगातार शामिल होती रही हैं।

नेपाल के संविधान में प्रावधान है कि प्रधान न्यायाधीश का पद रिक्त होने से एक महीने पहले ही नए नियुक्ति के लिए संवैधानिक परिषद को सिफारिश करनी होती है। हालांकि, परिषद के अधूरा होने के कारण यह प्रक्रिया फिलहाल अवरुद्ध हो गई है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले इस परिषद में प्रधान न्यायाधीश, राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष, प्रतिनिधि सभा के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और प्रतिनिधि सभा में विपक्ष के नेता सदस्य होते हैं। प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए सिफारिश में कानून मंत्री भी सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। नई प्रतिनिधि सभा में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव अगले दो दिनों में होने की संभावना है, जिसके बाद संवैधानिक परिषद की बैठक कर नए प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति पर फैसला संभव है।

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