दुबई में फंसे कर्नाटक के 50 लोग सुरक्षित बेंगलुरु पहुंचे, विधायक नागेंद्र ने कराई विशेष विमान की व्यवस्था

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Eksandeshlive Desk

बेंगलुरु : ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के कारण दुबई में फंसे कर्नाटक के 50 लोग गुरुवार को सुरक्षित बेंगलुरु पहुंच गए। सुरक्षित स्वदेश वापसी के बाद सभी ने राहत की सांस ली और अपने परिजनों से मिलकर भावुक हो उठे। बल्लारी जिले के 35 और चित्रदुर्ग जिले के 15 लोगों सहित कुल 50 कन्नड़िगा 4 मार्च को शारजाह से कोच्चि पहुंचे थे। युद्ध की तीव्रता और क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण उड़ानों के संचालन में बाधा उत्पन्न हो गई थी, जिसके चलते वे कुछ दिनों तक दुबई में फंसे रहे। बाद में शारजाह के रास्ते उन्हें कोच्चि लाया गया, जहां से बेंगलुरु भेजने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। इस पूरे प्रयास में बल्लारी के विधायक बी. नागेंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कोच्चि से बेंगलुरु तक विशेष विमान की व्यवस्था कराई, जिससे सभी लोगों को सुरक्षित उनके राज्य तक पहुंचाया जा सका। गुरुवार सुबह सभी 50 लोग बेंगलुरु हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां विधायक नागेंद्र ने उनका आत्मीय स्वागत किया। संकट की घड़ी में मदद और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लोगों ने विधायक का आभार व्यक्त किया। वहीं, लंबे समय बाद सुरक्षित घर लौटने पर परिजनों से मिलकर कई लोग भावुक हो गए। परिवार के सदस्यों ने भी राहत जताई और सरकार तथा जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।

खाड़ी देशों में रह रहे मप्र के निवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, दिल्ली में कंट्रोल रूम स्थापित

भोपाल : मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने इजराइल-ईरान युद्ध के बीच खाड़ी देशों में रह रहे प्रदेशवासियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके साथ ही नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में सरकार ने कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार देर शाम जारी एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व एशिया खाड़ी युद्ध की स्थिति पर मध्य प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान अप्रत्याशित परिस्थितियों को दृष्टिगत खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए मध्य प्रदेश भवन, नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि के लिए गए मध्य प्रदेश के निवासी वर्तमान परिस्थितियों में किसी प्रकार की सहायता की अपेक्षा करते हों तो वे कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकते हैं। कंट्रोल रूम की सहायता से मध्य प्रदेश शासन द्वारा संबंधितों को भारत सरकार एवं संबंधित अन्य एजेंसियों से संपर्क करते हुए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन इस बारे में संवेदनशील है। गृह विभाग, मध्य प्रदेश शासन और नई दिल्ली में आवासीय आयुक्त कार्यालय मध्य प्रदेश भवन की टीम तैनात है। सीएम हेल्पलाइन 181 नंबर पर परिजन से प्राप्त हो रही सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी का पंजीयन और रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है। भारत शासन के विदेश मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर नागरिकों को सुरक्षित वापस स्वदेश बुलवाने की व्यवस्था की गई है। इस अवधि में नागरिकों के लिए भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की चिंता की जा रही है। परिजनों से भी संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में स्थापित कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 011-26772005, व्हाट्सऐप नम्बर – 9818963273 और ईमेल आईडी – mphelpdeskgulf@gmail.com है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत सरकार ने पूर्व में भी ऐसी विपरीत परिस्थितियों में समाधान की राह निकाली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी संपूर्ण स्थिति पर नजर रखते हुए समीक्षा कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय सहित सभी संबंधित मंत्रालय भी गतिशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की परिस्थितियों के संबंध में पूर्ण सजग और संवेदनशील है। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों के अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। लगभग 50 परिवारों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। मेरा यही अनुरोध है कि सीएम हेल्पलाइन एवं नई दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम पर नागरिक संपर्क कर सकते हैं। यह चुनौती अवश्य है लेकिन कठिन कार्य नहीं है। इस चुनौती का हम समुचित ढंग से सामना कर हल निकल रहे हैं। कृपया इस व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखें और अपनी कठिनाइयों के लिए हेल्पलाइन पर अवगत करवाने का कष्ट करें और अपना जीवन सुरक्षित करें। सेफ रहें और एक रहें।

खामेनेई की हत्या के पांचवें दिन भी कश्मीर में आवागमन और सभाओं पर प्रतिबंध लागू

श्रीनगर : कश्मीर में लगातार पांचवें दिन भी एहतियाती उपाय के तौर पर लोगों की आवाजाही पर आंशिक प्रतिबंध लागू रहे। सरकार ने शनिवार तक शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिए हैं और मोबाइल इंटरनेट की गति कम कर दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों में हुई हत्या के बाद कश्मीर भर में विरोध प्रदर्शन होने पर सोमवार को प्रतिबंध लगाए गए थे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक की, ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके। बैठक के बाद अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि वे अपना दुख और आक्रोश मस्जिदों, दरगाहों और इमामबाड़ों में व्यक्त करें। सरकार ने शनिवार तक शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है और मोबाइल इंटरनेट की गति कम कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को कश्मीर के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही और सभा पर प्रतिबंध जारी रहा। प्रदर्शनकारियों के जमावड़े को रोकने के लिए शहर भर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ कर्मियों को तैनात किया गया। उन्होंने आगे कहा कि शहर में प्रवेश करने वाले महत्वपूर्ण चौराहों पर कंटीले तार और बैरिकेड लगाए गए हैं। शहर के केंद्र में स्थित लाल चौक के चारों ओर बैरिकेड लगाकर क्षेत्र को सील करने के बाद यह अभी भी प्रतिबंधित क्षेत्र बना हुआ है। घंटाघर को सील करने का यह कदम रविवार को खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई हत्या के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया था।

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