Eksandeshlive Desk
रांची : हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के मजदूर और कर्मचारी पिछले लंबे समय से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर मजदूरों को 28 माह और अधिकारियों को 31 माह से वेतन नहीं मिला है, वहीं दूसरी ओर प्रबंधन निदेशकों की सुविधाओं पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों के बीच 18 नई नेक्सॉन यूवी और इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्रस्ताव प्रबंधन की प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
रमाशंकर प्रसाद ने बताया कि मजदूरों के सामने परिवार चलाने और इलाज कराने तक का संकट है, जबकि निदेशकों को निजी वाहन, लिफ्ट, मिनरल वाटर, बड़े टीवी और आलीशान कार्यालय उपलब्ध कराए गए हैं। मजदूर क्वार्टरों की हालत जर्जर बताई गई है। बरसात में घरों में पानी भर जाता है, दीवारों में करंट की शिकायत है, लेकिन मरम्मत नहीं हो रही। कार्यस्थलों पर पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है, इससे महिला कर्मियों को विशेष परेशानी हो रही है। संघ ने चिकित्सा सुविधाओं की बदहाली का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से सख्त निगरानी और तत्काल वेतन भुगतान की मांग की है। मजदूरों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
