एचईसी में वेतन संकट गहराया: 15 दिन भुगतान पर भड़का संयुक्त मोर्चा

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निदेशक (वित्त) से वार्ता बेनतीजा, एक माह वेतन नहीं तो आंदोलन के संकेत

SUNIL VERMA

रांची: हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) में कार्यरत हजारों कर्मचारियों का वेतन संकट अब गंभीर सामाजिक और औद्योगिक समस्या का रूप लेता जा रहा है। शनिवार, 3 जनवरी 2026 को एचईसी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक (वित्त) से मुलाकात कर 15 दिन के वेतन भुगतान की व्यवस्था का कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसे कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण बताया। संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किया जा रहा आधा वेतन भुगतान कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। प्रतिनिधियों ने कहा कि एचईसी जैसे सार्वजनिक उपक्रम में नियमित वेतन न मिलना केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि सरकार और प्रबंधन की साख का भी प्रश्न बन गया है।

आधा वेतन, पूरी कटौती : कर्मचारियों के खाते हो रहे शून्य

बैठक में यह तथ्य सामने आया कि अधिकांश कर्मचारियों ने बैंकों से होम लोन, एजुकेशन लोन एवं अन्य ऋण ले रखे हैं। आधा वेतन खाते में आते ही बैंक द्वारा ईएमआई काट ली जाती है, जिससे कई कर्मचारियों के खाते में शेष राशि शून्य हो जाती है। जिन कर्मचारियों के खाते एनपीए की श्रेणी में चले गए हैं, उनके लिए 15 दिन का वेतन पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। संयुक्त मोर्चा ने निदेशक (वित्त) को अवगत कराया कि इस स्थिति में कर्मचारियों के लिए परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, इलाज और दैनिक जरूरतें पूरी करना बेहद कठिन हो गया है। कई कर्मी मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में पहुंच चुके हैं।

एलआईसी, सीपीएफ और बीपीएफ भुगतान भी बना चिंता का विषय..

वेतन के साथ-साथ एलआईसी इनकैशमेंट, सीपीएफ एवं बीपीएफ के भुगतान में हो रही देरी पर भी संयुक्त मोर्चा ने गहरी नाराजगी जताई। प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मचारियों की जीवनभर की बचत और बीमा राशि समय पर नहीं मिलना न केवल आर्थिक बल्कि मानवीय संकट भी पैदा कर रहा है।

एनसीएल फंड का मुद्दा, प्राथमिकता वेतन को देने की मांग..

संयुक्त मोर्चा ने यह भी कहा कि जब भी एनसीएल (नॉर्थ कोल लिमिटेड) से एचईसी को फंड प्राप्त होता है, तो उसका प्राथमिक उपयोग कर्मचारियों के वेतन भुगतान में होना चाहिए। बार-बार आंशिक भुगतान से न तो कर्मचारियों का भरोसा बन पा रहा है और न ही औद्योगिक शांति कायम रह पा रही है।

भाजपा नेता विनय जायसवाल से मुलाकात, राजनीतिक हस्तक्षेप की उम्मीद..

निदेशक (वित्त) से मुलाकात के बाद संयुक्त मोर्चा के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा नेता विनय जायसवाल से भी भेंट कर एचईसी कर्मियों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। प्रतिनिधियों ने बताया कि कर्मचारियों की आर्थिक हालत दिन-ब-दिन दयनीय होती जा रही है और अब हालात असहनीय स्तर पर पहुंच चुके हैं। इस पर भाजपा नेता विनय जायसवाल ने कहा कि एचईसी के मुद्दे को लेकर वे पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को रांची से लेकर दिल्ली तक हर संभव मंच पर उठाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय स्तर पर भी हस्तक्षेप कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचईसी कर्मचारियों के हित में वे संयुक्त मोर्चा को साथ लेकर निर्णायक पहल करेंगे।

उत्पादन और भविष्य पर मंडराता संकट

कर्मचारियों का कहना है कि लगातार वेतन संकट से न केवल उनका मनोबल टूट रहा है, बल्कि इसका सीधा असर उत्पादन, कार्यकुशलता और एचईसी के भविष्य पर भी पड़ रहा है। यदि समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

आंदोलन की चेतावनी…

संयुक्त मोर्चा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही वेतन भुगतान की स्थायी और सम्मानजनक व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो वे चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमित और पूर्ण वेतन चाहिए। आज के बैठक में निदेशक वित्त मुकेश कुमार यूनियन नेता रमा शंकर प्रसाद, आर के शाही, प्रकाश कुमार, शनि सिंह, विमल महली, एस जे मुखर्जी शामिल हुए।

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