Eksandeshlive Desk
लंदन : फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने रूस पर लगे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतिबंध को समाप्त करने का समर्थन करते हुए कहा है कि चार साल का यह बैन किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने इसे “निरर्थक” करार देते हुए खासतौर पर रूस की युवा टीमों की बहाली की पैरवी की। स्काई स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में इन्फैंटिनो ने कहा, “हमें रूस की बहाली पर जरूर विचार करना चाहिए, क्योंकि इस प्रतिबंध ने कुछ हासिल नहीं किया है। इससे सिर्फ निराशा और नफरत बढ़ी है। अगर रूस के लड़के-लड़कियों को यूरोप के दूसरे हिस्सों में फुटबॉल खेलने का मौका मिलेगा, तो यह मददगार होगा।” यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद फरवरी, 2022 में फीफा ने रूस को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया था। इसके चलते रूस 2022 कतर विश्व कप से बाहर हुआ और अमेरिका, कनाडा व मेक्सिको में होने वाले 2026 विश्व कप की क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में भी शामिल नहीं हो सका। रूस की बहाली का अधिकार यूईएफए की कार्यकारी समिति के पास है, जिसकी अगली तिमाही बैठक 11 फरवरी को ब्रुसेल्स में होनी है। हालांकि यूईएफए अध्यक्ष एलेक्जेंडर सेफेरिन का कहना है कि यूक्रेन युद्ध के समाप्त होने के बाद ही इस दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
बच्चों को सरकार के फैसलों की सजा नहीं मिलनी चाहिए : गौरतलब है कि 2023 में यूईएफए ने अंडर-17 चैंपियनशिप क्वालिफिकेशन में रूस को खेलने की अनुमति देने की योजना बनाई थी, यह कहते हुए कि बच्चों को सरकार के फैसलों की सजा नहीं मिलनी चाहिए, लेकिन करीब एक दर्जन राष्ट्रीय महासंघों के बहिष्कार की धमकी के बाद यह फैसला वापस ले लिया गया। सीनियर पुरुष स्तर पर रूस हाल के वर्षों में केवल मैत्री मैच ही खेल पाया है। नवंबर में उसने चिली और पेरू के खिलाफ दोस्ताना मुकाबले खेले। रूस ने 2018 विश्व कप की मेजबानी की थी और क्वार्टरफाइनल तक पहुंचा था—यह इन्फैंटिनो के पहले कार्यकाल के दौरान हुआ। इन्फैंटिनो ने कहा कि वे प्रतिबंधों के खिलाफ हैं और फीफा को अपने नियमों में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि “किसी देश के राजनीतिक नेताओं के कृत्यों के कारण उसे फुटबॉल खेलने से कभी प्रतिबंधित न किया जाए।”
ट्रंप को शांति पुरस्कार देने का बचाव : फीफा प्रमुख ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति पुरस्कार देने के अपने फैसले का भी बचाव किया। दिसंबर में वॉशिंगटन डीसी में 2026 विश्व कप ड्रॉ के दौरान ट्रंप को फीफा की ओर से पहला शांति पुरस्कार दिए जाने पर कड़ी आलोचना हुई थी। इसके बाद यह विवाद और बढ़ा जब अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मिगुएल मादुरो को हिरासत में लिया और ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर ग्रीनलैंड हासिल करने की इच्छा जताई। हालांकि, स्काई न्यूज से बातचीत में इन्फैंटिनो ने कहा, “वस्तुनिष्ठ रूप से देखें तो वह इसके हकदार हैं। दुनिया में शांति के लिए हम जो कुछ भी कर सकते हैं, हमें करना चाहिए। इसी वजह से हम कुछ समय से ऐसे लोगों को सम्मानित करने के बारे में सोच रहे थे जो शांति के लिए प्रयास करते हैं।”
2026 विश्व कप के बहिष्कार से इनकार : इन्फैंटिनो ने ट्रंप प्रशासन की घरेलू और विदेश नीति के चलते 2026 विश्व कप के बहिष्कार की अटकलों को भी खारिज कर दिया। अमेरिका के कई शहरों, खासकर मिनियापोलिस में, आव्रजन प्रवर्तन को लेकर अशांति देखी गई है। लेकिन इन्फैंटिनो ने कहा, “कभी किसी देश के खिलाफ कारोबार के बहिष्कार की बात नहीं होती, तो फुटबॉल क्यों?” 55 वर्षीय फीफा अध्यक्ष ने कहा, “हमारी बंटी और आक्रामक दुनिया में ऐसे मौके जरूरी हैं, जहां लोग फुटबॉल के जुनून के साथ एक साथ आ सकें, मिल सकें।”
