फर्जी जन्मप्रमाण पत्र प्रकरण में जिम्मेवार पदाधिकारियों पर कार्रवाई तय

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राज्य स्तरीय टीम द्वारा अभिलेखों की जांच सहित संबंधित कर्मियों से की गई गहन पूछताछ

अजय राज
प्रतापपुर (चतरा): प्रखंड के रामपुर, बभने एवं योगियारा पंचायत में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने के मामले को लेकर गुरुवार को अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के निदेशक कुमुद सहाय की नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम प्रखंड कार्यालय प्रतापपुर पहुंची तथा संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की। इस दौरान बीडीओ अभिषेक पाण्डेय, संबंधित पंचायतों के मुखिया, वर्तमान एवं पूर्व पंचायत सचिव, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी आदि मौजूद रहें।
राज्य स्तरीय जांच टीम ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित पंजी, अब तक की निर्गत जन्म प्रमाण पत्रों की सूची तथा डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान किया। साथ ही प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को लेकर संबंधित कर्मियों से पूछताछ की गई।
जांच के दौरान कम आबादी वाली पंचायतों में अपेक्षाकृत अधिक संख्या में जारी जन्म प्रमाण पत्रों को लेकर विशेष रूप से जांच की गई। टीम यह भी पता लगा रही है कि मामला केवल पंचायत स्तर तक सीमित है या इसके तार प्रखंड अथवा अन्य स्तरों तक जुड़े हैं । साथ हीं फर्जी जन्म प्रमाणपत्र निर्गत में कौन लोग विशेष रूप से शामिल है और उनका उद्वेश्य क्या था।
जांच टीम के अनुसार सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपी जाएगी।
मालूम हो कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र की खबरें कई दिनों तक दैनिक अखबारों की सुर्खिया बनती रहीं परंतु कार्यवाही के नाम पर सिर्फ संबंधित पंचायत के पंचायत सचिव पर मामूली कार्यवाही कर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। बाद में स्थानीय विधायक जनार्दन पासवान द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान पिछले माह 11 दिसंबर को यह मामला विधान सभा में उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा गया था कि प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत तीन पंचायतों की आबादी से भी ज्यादा अर्थात् 15, 795 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र कैसे निर्गत कर दिए गए हैं इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाय तथा इस फर्जी जन्मप्रमाण पत्र निर्गत प्रकरण में जो लोग भी दोषी हैं उनपर पर सख्त कार्यवाही की जाए।

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