गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनेगा मेसरा: ईद, सरहुल और रामनवमी की त्रिवेणी से महकेगा क्षेत्र

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​अंजुमन कमिटी ने घोषित किया नमाज का समय; युवाओं से शांति और सादगी की अपील

​मेसरा (रांची) : राजधानी के बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र में इस बार भक्ति, प्रकृति और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर चैत्र नवरात्र और रामनवमी की गूंज है, वहीं दूसरी ओर प्रकृति पर्व सरहुल और खुशियों की ईद की तैयारियां अपने चरम पर हैं। अंजुमन कमिटी केदल के सदर समीम आलम और चुट्टू अंजुमन के सेक्रेट्री हाजी हेयात अंसारी ने संयुक्त रूप से ईद की नमाज के समय की घोषणा करते हुए पूरे क्षेत्र को आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया है।

नमाज की समय-सारणी: कब और कहां झुकेंगे सिर? : ​कमिटी के पदाधिकारियों के अनुसार, ईद का दिन पूरी तरह चांद के दीदार पर निर्भर करेगा। यदि गुरुवार शाम चांद दिखता है,तो शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी,अन्यथा शनिवार को नमाज अदा होगी। ​चुट्टू ईदगाह सुबह 9:00 बजे,​केदल जामा मस्जिद सुबह 9:30 बजे,​ नेवरी (पांच मस्जिदें) सुबह 8:45 से 9:15 बजे तक,​मेसरा एवं फुरहूरा टोला में सुबह 9:00 से 10:00 बजे के बीच।

युवाओं से अपील: अनुशासन और सादगी हो पहचान, ​सदर समीम आलम और सेक्रेट्री हाजी हेयात अंसारी ने विशेष रूप से युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि त्योहार का असली आनंद दूसरों की मदद करने और समाज में शांति बनाए रखने में है। उन्होंने अपील की कि युवा सड़कों पर अनुशासन बनाए रखें और सादगी के साथ खुशियां बांटें। ​

एक साथ उठेंगे दुआओं के हाथ: ईद, सरहुल और रामनवमी की साझा बधाई,​ अंजुमन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों को ईद, सरहुल और रामनवमी की सामूहिक अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा, हमारा क्षेत्र विविधताओं का संगम है। यहां मांदर की थाप, अजान की आवाज और रामनवमी के जयघोष,सब मिलकर अमन-चैन की दुआ मांगते हैं। उन्होंने समस्त देशवासियों के लिए खुशहाली और तरक्की की कामना की है।

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