16 घंटे बाद शुक्रवार सुबह नमामि गंगे घाट के पास मिला शव
राजमहल/साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। राजमहल थाना क्षेत्र के सरकंडा गांव में गंगा नदी में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। गुरुवार दोपहर से लापता इन बच्चों के शव करीब 16 घंटे बाद शुक्रवार सुबह नमामि गंगे घाट के पास से बरामद किए गए। इस हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलते-खेलते हुए थे लापता
जानकारी के अनुसार, सरकंडा निवासी सेटू चौरसिया के दो पुत्र— आर्यन कुमार (8 वर्ष) और राघव कुमार (4 वर्ष)— गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों अचानक गायब हो गए। काफी देर तक जब बच्चे नहीं लौटे, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। देर रात तक सुराग न मिलने पर परिजनों को अनहोनी और अपहरण जैसी आशंकाएं सताने लगी थीं।
नदी किनारे मिले कपड़ों से गहराया शक
गुरुवार रात करीब 9 बजे नमामि गंगे घाट के पास एक बच्चे की पैंट मिली, जिससे परिजनों का शक यकीन में बदल गया कि बच्चे नदी की ओर गए हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने जाल डालकर रात भर नदी में तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सुबह बरामद हुए दोनों शव
शुक्रवार सुबह घाट के पास ही एक बच्चे का शव पानी में तैरता मिला। खबर मिलते ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। थोड़ी ही देर बाद दूसरे बच्चे का शव भी कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया। मौके पर पहुंची राजमहल थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है।
होली मनाने मुंबई से आए थे गांव
मृतक बच्चों के पिता सेटू चौरसिया मुंबई में मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों बाद पूरे परिवार के साथ होली का त्योहार मनाने गांव आए थे। परिवार वापस मुंबई लौटने की तैयारी ही कर रहा था कि इस अनहोनी घटना ने सब कुछ उजाड़ दिया। मेरे दो ही बेटे थे, अब मेरे बुढ़ापे का सहारा छिन गया, वहीं मां का रो रो कर बुरा हाल है।
