गौरव अपहरण कांड ने कानून-व्यवस्था पर खड़े किए सवाल, कार्रवाई की मांग

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Eksandeshlive Desk

पूर्वी सिंहभूम : आदित्यपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र गौरव गांधी (24) के अपहरण की घटना क्षेत्र के विधायक सरयू राय ने गुरुवार को राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने गुरुवार काे घटना पर एक वीडयो संदेश जारी कर कहा कि इस घटना को लेकर उन्होंने राज्य के डीजीपी और एसएसपी पीयूष पांडेय से बात की है और अपराधियों की जल्‍द गिरफ्तारी की मांग की है। सरयू राय ने कहा कि इस घटना से न सिर्फ व्यापारी वर्ग, बल्कि आम लोगों में भी भय का माहौल है और सरकार एवं जिला प्रशासन को तुरंत ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

गौरव गांधी, आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एएसआईए) के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के बेटे हैं। अपहरणकर्ताओं ने इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से परिवार से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को देवांग गांधी आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर (+62-831-94765544) से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसे वे बैठक के कारण रिसीव नहीं कर सके। दोपहर करीब दो बजे जब देवांग गांधी घर लौटे और बेटे गौरव से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। जांच करने पर पता चला कि गौरव न तो बैंक पहुंचा था और न ही कंपनी। बाद में जब देवांग गांधी ने उसी विदेशी नंबर से आए मैसेज को पढ़ा, तो उन्हें बेटे के अपहरण और फिरौती की मांग की जानकारी मिली। शुरुआत में जब परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी, तब पुलिस ने इसे केवल गुमशुदगी का मामला मानकर जांच शुरू की थी। हालांकि, फिरौती से जुड़े संदेश और तकनीकी साक्ष्य सामने आने के बाद बिष्टुपुर पुलिस हरकत में आई और सीएच एरिया इनर सर्किल रोड निवासी देवांग गांधी के बयान पर अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

गौरव गांधी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की सात अलग-अलग टीमें झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। गौरव की कार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि फिंगरप्रिंट्स के जरिए अपराधियों की पहचान की जा सके। साथ ही कॉल डंप और सर्विलांस के माध्यम से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस की एक टीम लगातार परिवार के संपर्क में है, जबकि दूसरी टीम साइबर सेल की मदद से इंडोनेशियाई नंबर के वास्तविक स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर गौरव गांधी को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।

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