ग्राम पंचायतों को स्वायत्त शासन की शक्ति दी जानी चाहिए : बाबूलाल

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Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड में पंचायतों को अधिकार देने की स्थिति राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने चिंता व्यक्त की है। मरांडी शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कहा कि ग्राम पंचायतों को स्वायत्त शासन की शक्ति दी जानी चाहिए, लेकिन अधिकारों की कमी के कारण वे शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले स्वतंत्र रूप से नहीं ले पातीं। बाबूलाल ने बताया कि वित्तीय स्वतंत्रता की कमी भी विकास कार्यों में बाधा बन रही है, जिससे स्थानीय शासन प्रणाली कमजोर हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि ग्राम पंचायतों को समुचित संसाधन और वित्तीय स्वायत्तता देकर सशक्त बनाया जाये, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।

आदिवासी गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का फैसला स्वागतयोग्य

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के आदिवासी गांवों में नये आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के फैसले को स्वागतयोग्य बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर शुक्रवार को लिखा कि केंद्र सरकार की पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत झारखंड के आदिवासी गांवों में 1,220 नये आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का फैसला स्वागतयोग्य है। इससे आदिवासी समाज के विकास और पोषण में काफी सुधार होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने तारीफ करते हुए कहा कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनायेगा और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नये मौके प्रदान करेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति से महिलाओं का सशक्तिकरण भी होगा। केंद्र सरकार का यह निर्णय ‘सबका साथ, सबका विकास’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो झारखंड के आदिवासी समुदाय के उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा।

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