ग्रीन लैंड को हासिल करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पहली प्राथमिकता : व्हाइट हाउस

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Eksandeshlive Desk

वाशिंगटन : व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि ग्रीनलैंड को हासिल करना संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है। यह आर्कटिक क्षेत्र में दुश्मनों को रोकने के लिए बहुत जरूरी है। राष्ट्रपति अपनी टीम के साथ इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने विस्तार से भेजे गए बयान में कहा कि कमांडर इन चीफ के पास अमेरिकी सेना का इस्तेमाल करने का विकल्प हमेशा होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं और अमेरिकी सेना का इस्तेमाल करने का विकल्प अभी खत्म नहीं हुआ है।

डेनमार्क की प्रधानमंत्री अमेरिका को दी चेतावनी : लेविट का बयान विदेश मंत्री मार्को रूबियो की इस हफ्ते की गई टिप्पणी के बाद आया है। रूबियो ने सांसदों से कहा था कि ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को खरीदने पर विचार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी सेना के वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद से ट्रंप प्रशासन ने विस्तारवादी नीति पर दिलचस्पी बढ़ा दी है। ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से ग्रीनलैंड की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र है। डेनमार्क उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का सदस्य देश है। नाटो 32 देशों का सैन्य और राजनीतिक गठबंधन है। इसका प्राथमिक उद्देश्य अपने सदस्य देशों की स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा करना है। यह सामूहिक रक्षा के सिद्धांत पर काम करता है। इसका अर्थ है कि एक सदस्य देश पर हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है (अनुच्छेद 5)।ट्रंप के इस रुख पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो इसका मतलब नाटो विखंडित हो जाएगा।

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