हिप्र में बादलों ने मचाई तबाही, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल स्पीति और शिमला जिले में बहे पुल और वाहन, कई गांव खाली कराए गए

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Eksandeshlive Desk

शिमला : हिमाचल प्रदेश में बादलों ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार रात कुल्लू, किन्नौर, लाहौल स्पीति और शिमला जिले में बादल फटने से कई पुल और वाहन बह गए। मकान और दुकानें धराशायी हो गए। इस दौरान सार्वजनिक व निजी संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि अभी तक जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। मौसम विज्ञान विभाग ने आज गुरुवार को चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। कुल्लू जिला के बंजार उपमण्डल, मंडी जिला के गोहर उपमण्डल, शिमला जिला के जुब्बल उपमण्डल और ऊना जिले में सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।

बादल फटने से आई बाढ़ में कई घरों को नुकसान : कुल्लू जिला के बंजार घाटी के बठाहड़ में बुधवार को शाम बादल फटने से आई बाढ़ में कई घरों को नुकसान हुआ। बंजार के टिल्ला और दोगड़ा पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि पांच गाड़ियां बह गईं। चार कॉटेज भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिला के निरमण्ड उपमण्डल में कुरपन खड्ड उफान पर है, जिसके चलते बागी पुल बाजार खाली करवा लिया गया है। तीर्थन घाटी और बागीपुल के पास भी खतरे वाले सभी क्षेत्रों को खाली करवा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। जनजातीय जिला किन्नौर के सीमावर्ती क्षेत्र ऋषि डोगरी घाटी के ऊपरी हिस्से में बादल फटने से आई बाढ़ सतलुज नदी पर बने पुल को बहा ले गई। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। होजो लुंगपा नाले में बाढ़ आने से सीपीडब्ल्यूडी के तहत गंगथांग-ब्रालाम की ओर चल रहा सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। पूह गांव की उठाऊं पेयजल योजना को नुकसान पहुंचा है और एक निजी कंपनी का परिसर जलमग्न हो गया। सतलुज नदी में जलस्तर और मलबा बढ़ने से करछम वांगतु नाथपा बांध के द्वार खोल दिए गए हैं। भारी बारिश के चलते पागल नाला, नाथपा और निगुलसरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति की मयाड़ घाटी में बादल फटने करपट गांव खतरे की जद में आ गया। प्रशासन ने गांव के करीब दो दर्जन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। शिमला जिले के कुल्लू से सटे सीमावर्ती रामपुर उपमंडल के पंद्रह बीस क्षेत्र की नंटी खड्ड में पहाड़ों पर बादल फटने से आई बाढ़ में चार पुल, दो मकान, पांच दुकानें, दो शेड, सेब के बगीचे और कृषि भूमि बह गई। सात मकानों, पांच दुकानों, सात शेड और एक छोटे बिजली प्रोजेक्ट को भी नुकसान हुआ है। खड्ड में एक एंबुलेंस और एचआरटीसी की बस फंस गई है, जबकि तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस बीच भारी वर्षा के मददेनजर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के नजदीक न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें। विभाग ने आगमी 19 अगस्त तक भारी वर्षा की चेतावनी दी है।

दिल्ली में बारिश के दौरान सड़क पर पेड़ गिरने से पिता की मौत व बेटी गंभीर रूप से घायल : राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह से हो रही लगातार बारिश के कालकाजी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो गया। भारी बारिश के दौरान एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में एक बाइक सवार आ गया। हादसे में बाइक चला रहे युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हुई है। इस घटना में एक कार को भी काफी नुकसान हुआ। हालांकि कार सवार किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने जेसीबी मशीन बुलवाकर पेड़ को सड़क से हटवाया और घायल युवती को इलाज के लिए तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर भिजवाया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय सुधीर कुमार के रूप में हुई है, जबकि घायल युवती उनकी 22 वर्षीय बेटी प्रिया है, जो अब अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बारिश के चलते कई अन्य क्षेत्रों से भी जलभराव खबरें सामने आई हैं, जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हुआ है।

आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट : बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। इसी बीच में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होने और बाढ़ आने की आशंका जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। विशाखापत्तनम मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारी जगन्नाथ कुमार ने गुरुवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र शुक्रवार को और मज़बूत होकर एक विशिष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य-उत्तर-पश्चिम में बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इसके कारण तटीय आंध्र में अगले सप्ताह तक बारिश होने की संभावना है। इससे राज्य के पूर्वी गोदावरी, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिमी गोदावरी और केंद्र शासित प्रदेश में बारिश और बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने श्रीकाकुलम, पार्वतीपुरम, मान्यम, अल्लूरी, विजयनगरम, नंद्याल और पालनाडु जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गई है। पिछले 24 घंटे में एलुरु में 22 सेमी, मुम्मीदीवरम में 18 सेमी और अमलापुरम में 13 सेमी बारिश दर्ज की गई। कलिंगपट्टनम, विशाखापट्टनम, काकीनाडा और मछलीपट्टनम बंदरगाहों पर खतरे का सूचक बढ़ा दिया गया है। भारी बारिश के मद्देनजर, राज्य आपदा प्रबंधन संगठन के प्रबंध निर्देशक प्रखर जैन ने कृष्णा नदी बेसिन और लंका गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने नदी में नावों और डोंगियों से यात्रा न करने और बाढ़ के पानी में तैरने या मछली पकड़ने से मना किया है। विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज में ऊपर से बाढ़ आने के कारण अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। बैराज में 4 लाख क्यूसेक से ज़्यादा बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। इसके चलते नंबर वन खतरे की चेतावनी जारी कर दी गई है।

महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। साथ ही मुंबई के येलो अलर्ट जारी की गई है। आज तडक़े से मुंबई में हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। विभाग ने 16 और 17 अगस्त के लिए रायगढ़, रत्नागिरी, पुणे के घाट, कोल्हापुर और सतारा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे इन क्षेत्रों में बहुत भारी वर्षा की संभावना है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इन जिलों के जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने का भी निर्देश दिया है। हालांकि सोलापुर में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और फसलों को काफी नुकसान हुआ है। भारतीय मौसम विभात ने 14 से 17 अगस्त तक मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मुंबई के शहर और उपनगरों के अधिकांश इलाकों में गुरुवार को तडक़े से ही भारी बारिश हो रही है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात धीमा हो गया है। हालांकि मुंबई की लाईफलाईन लोकल रेलवे की सेवा पर बारिश का असर अभी तक नहीं पड़ा है।

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