इंडिगो ने हालात के सुधरने का दावा किया, यात्रियों को हुई भारी परेशानी के लिए फिर से माफी मांगी

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Eksandeshlive Desk

​नई दिल्ली : इंडिगो उड़ानों को लेकर भारी अफरातफरी की स्थिति के बाद एयरलाइन ने हालात के सुधरने का दावा किया है। कंपनी का कहना है कि रविवार को दिन के अंत तक 1500 से अधिक उड़ानें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया। कंपनी ने स्थितियों में सुधार का दावा करते हुए कहा कि एक दिन पहले शनिवार को 113 गंतव्यों के लिए 700 से अधिक उड़ानें संचालित की गई। 138 में से 135 गंतव्यों पर उड़ानें शुरू हो गई हैं, जिसका मतलब है कि 95 प्रतिशत से ज़्यादा नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल हो चुकी है। एयरलाइन के अनुसार, उनका मुख्य लक्ष्य नेटवर्क, सिस्टम और कर्मचारियों की ड्यूटी सूची को फिर से चालू करना था और इसके शुरुआती सकारात्मक संकेत दिखने लगे हैं। ​कंपनी ने स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं लेकिन अब हालात सुधरने लगे हैं। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई भारी परेशानी के लिए फिर से माफी मांगी है। एयरलाइन के अनुसार हाल की घटनाओं के कारण रद्द की गई सभी उड़ानों की टिकटों का पैसा ग्राहकों के खातों में भेज दिया जाएगा। कंपनी ने कहा कि अगर किसी की यात्रा 05 दिसंबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 के मध्य निर्धारित थी तो रद्दीकरण या पुनर्निर्धारण के सभी अनुरोधों पर पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।

इंडिगो उड़ान व्यवधान के बाद विशेष संकट प्रबंधन समूह का गठन : हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में आई व्यापक परिचालन और तकनीकी अव्यवस्था के बाद कंपनी के निदेशक मंडल ने तुरंत प्रभाव से एक विशेष संकट प्रबंधन समूह (सीएमजी) बनाया है। यह कदम यात्रियों को हो रही असुविधाओं को दूर करने और उड़ान संचालन को पुनः सामान्य करने के उद्देश्य से उठाया गया है। कंपनी की ओर से रविवार को जारी बयान में बताया गया है कि इस विशेष समूह में विक्रम सिंह मेहता (अध्यक्ष), ग्रेग सारेत्स्की, माइक व्हिटेकर, अमिताभ कांत और कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स शामिल हैं। यह टीम लगातार समीक्षा बैठकों के माध्यम से स्थिति पर नजर रख रही है और प्रबंधन से नियमित अपडेट प्राप्त कर रही है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, बोर्ड इस समस्या के समाधान के लिए तेजी से कार्रवाई कर रहा है और उड़ानों के संचालन को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि प्रभावित यात्रियों को फुल रिफंड दिया जाएगा, जबकि वैकल्पिक उड़ान चुनने पर किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इंडिगो प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा इसकी प्रथम प्राथमिकता है और ऐसी अव्यवस्था भविष्य में न हो, इसके लिए व्यवस्था की गहन समीक्षा और सुधार प्रक्रिया लागू की जा रही है।

मंत्री ने संकट के लिए इंडिगो प्रबंधन को ठहराया जिम्मेदार : देश में पिछले कुछ दिनों से विमानन क्षेत्र में उत्पन्न अव्यवस्था पर केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर किसन मोहोल ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर इंडिगो एयरलाइन के प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। मंत्री मोहोल ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से मंजूर किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) नियमों को लागू करने में इंडिगो ने लापरवाही बरती, जिसके कारण संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अदालत के निर्देश के बाद एफडीटीएल में 10 घंटे की ड्यूटी अवधि को घटाकर 8 घंटे करने का आदेश दिया गया था। मंत्री मोहोल ने बताया कि मंत्रालय ने एयरलाइंस को इसे दो चरणों, 01 जुलाई 2025 और 01 नवंबर 2025 में लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इंडिगो ने इसे गंभीरता से नहीं माना। इसके बाद हालात बिगड़ने पर मंत्रालय और डीजीसीए ने त्वरित एक्शन लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है और 24×7 नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। सरकार ने एफडीटीएल लागू करने की समयसीमा फिलहाल फरवरी 2026 तक टाल दी है। वहीं, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो के सीईओ को शो-कॉज नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है।

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