EKsandeshlive Desk
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पिछले दिनों भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ (बिना शर्ट के विरोध प्रदर्शन) के मामले में की गई है। इस मामले में इससे पहले सात अन्य लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, उदय भानु चिब को एक दिन पहले पूछताछ के लिए तिलक मार्ग थाने में बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर गिरफ्तारी की गई। इस कार्रवाई के बाद अब तक इस प्रकरण में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले पुलिस ने ग्वालियर से जितेंद्र यादव को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियां अब पूरे घटनाक्रम में साजिश के एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन की पूर्व योजना, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और संगठनात्मक स्तर पर की गई तैयारियों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। इस बीच दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल को सौंपा है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मामले में देश के अलग-अलग जगहों के लोग शामिल हैं।
कांग्रेस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी की निंदा की
एआई शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी कर कहा गया कि यह गिरफ्तारी असंवैधानिक है और विरोध का अधिकार हर नागरिक को मिला हुआ है। पार्टी जनता की आवाज उठाती रहेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में युवाओं के लिए रोजगार की स्थिति गंभीर है और जनता में असंतोष बढ़ रहा है। अमेरिका के साथ हुए समझौते से किसानों और देश के हितों को नुकसान पहुंचा है। विपक्ष की आवाज दबाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। कांग्रेस डरने वाली नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है। राहुल ने गिरफ्तारी को अनुचित बताया और कहा कि सत्ता को सच दिखाना अपराध नहीं, बल्कि देशभक्ति है। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विरोध करना गैरकानूनी नहीं है। प्रदर्शन का तरीका बेहतर हो सकता था, लेकिन भाजपा भी इसी तरह विरोध करती रही है। इस घटना ने सरकार की अंतरराष्ट्रीय आयोजन क्षमता पर सवाल खड़े किए हैं।
