News by Mustaffa ,edit Sunil
मेसरा (रांची): बीआईटी मोड़ स्थित मेसरा अस्पताल परिसर में आयोजित ‘दावत-ए-इफ्तार’ महज़ एक रस्म नहीं,बल्कि आपसी मोहब्बत और गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत उदाहरण बन गई। रमजान के इस मुकद्दस महीने में जब मगरीब की अजान हुई,तो मेसरा की फिजाओं में सिर्फ इबादत ही नहीं,बल्कि भाईचारे की खुशबू भी महक उठी। इफ्तार से पहले मौलाना अजीज नोमानी ने सामूहिक दुआ कराई। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद हर शख्स,चाहे वह किसी भी धर्म का हो,क्षेत्र की सुख-शांति,अमन-चैन और बेहतर स्वास्थ्य के लिए खुदा की बारगाह में हाथ फैलाए नजर आया। जैसे ही रोजा इफ्तार का वक्त हुआ,सभी ने एक साथ खजूर खाकर रोजा खोला और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इस रूहानी आयोजन में समाज के हर वर्ग की भागीदारी रही। अस्पताल के निदेशक जावेद अख्तर और प्रबंधक डॉ. एहसान अहमद ने मेहमानों की मेजबानी करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का मकसद समाज में एकता और एकजुटता के धागे को और मजबूत करना है।
इस अवसर पर सेवा और सद्भाव की इस कड़ी में डॉ. राहुल राज,आफताब आलम,रूपलाल महतो,महताब आलम,महमूद अंसारी,हैप्पी कुमार,इश्तियाक आलम,नसीमुद्दीन अंसारी,समीम आलम,शाबानी कुमारी,रुकसाना परवीन और अमीषा कुमारी समेत सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। वहीं अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई चाक-चौबंद व्यवस्था की क्षेत्र के लोगों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। बीआईटी मोड़ और आसपास के क्षेत्रों से आए रोजेदारों के जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि प्रेम और सद्भाव ही समाज की असली पूंजी है। कार्यक्रम के अंत में प्रबंधन ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही मिल-जुलकर रहने का संकल्प दोहराया।
