इराक में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विस्फोट

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Eksandeshlive Desk

बगदाद : अमेरिका-इजराइल के 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ शुरू किए सैन्य अभियान की लपटों से घिरे खाड़ी देशों में हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे। ईरान ने इन देशों के खिलाफ लगातार हमले कर रहा है। इराक में गुरुवार सुबह अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास शक्तिशाली विस्फोट हुआ है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह इराक के एरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (यूएस कॉन्सुलेट) और एरबिल इंटरनेशनल हवाईअड्डा इलाके के पास जबरदस्त धमाका हुआ है। खाड़ी देश ईरानी ड्रोन और मिसाइलों की नई लहरों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ईरान ने तेल भंडारण केंद्रों और टैंकरों को निशाना बना रहा है। इराक के कुर्दिस्तान इलाके में एरबिल इंटरनेशनल हवाईअड्डा से धुआं उठता दिख रहा है। इससे पहले, इराक के समुद्री इलाके में ईरानी ड्रोन ने दो विदेशी तेल टैंकरों पर हमला किया। कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 38 अन्य को बचा लिया गया। ईरान ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जलमार्ग के नीचे हुए ड्रोन हमले में टैंकर उड़ गए। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने देश के पूर्वी हिस्सों में 20 से ज्यादा ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है। बहरीन ने कहा कि ईरानी हमलों में देश के उत्तरी मुहर्रक गवर्नरेट में एक जगह पर फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया। गृह मंत्रालय ने आस-पास के चार कस्बों और गांवों के लोगों को चेतावनी दी कि वे धुएं और आग के असर से बचने के लिए अपने घरों में रहें और खिड़कियां बंद रखें। संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि उसके एयर डिफेंस “ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन के खतरों” का जवाब दे रहे हैं। दुबई के सरकारी मीडिया ऑफिस ने कहा कि क्रीक हार्बर के पास एक बिल्डिंग पर एक ड्रोन गिरा और मामूली आग पर काबू पा लिया गया। कुवैत की सेना ने कहा कि उसके एयर डिफेंस भी “दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन के खतरों” का जवाब दे रहे हैं। इस बीच इराक ने ईरान से संयम बरतने की अपील की है। इराक के तेल मंत्रालय ने कहा कि फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों को निशाना बनाने से चिंता बढ़ गई है। इराक ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा की अपील की है। मंत्रालय ने कहा कि समुद्री रास्तों में तेल टैंकरों से जुड़ी घटनाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत हैं।

हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 150 रॉकेट, ईरान ने एकीकृत अभियान में मिसाइल दागीं

तेल अवीव : ईरान समर्थित लेबनान के समूह हिजबुल्लाह ने बुधवार देरशाम इजराइल में कम से कम 150 रॉकेट दागे। इस दौरान ईरान ने भी एकीकृत अभियान (इंटीग्रेटेड ऑपरेशन) में मिसाइल दागी। 28 फरवरी से शुरू इस जंग में हिजबुल्लाह के इस हमले को सबसे बड़ा बताया जा रहा है। द टाइम्स ऑफ इजराइल अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के गढ़ पर लड़ाकू विमानों से बमबारी की है। एक इजराइली अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष गंभीर तनाव की ओर बढ़ रहे हैं। हिजबुल्लाह ने कई घंटों तक हमला जारी रखा। हमले में रॉकेट के अलावा ड्रोन का भी प्रयोग किया गया। इस दौरान लाखों इजराइली घरों को छोड़कर आश्रय स्थलों पर पहुंच गए। इजराइल के एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि हिजबुल्लाह ने यह हमला ईरान के समर्थन में शुरू किया है। इस अधिकारी ने रात लगभग आठ बजे ईरान ने एक मिसाइल से देश सेंट्रल इलाके को निशाना बनाया। इसी दौरान हिजबुल्लाह ने ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। उसने रॉकेट की बौछार कर दी। एक घंटे के अंतराल में कम से कम 100 रॉकेट दागे। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इसे एकीकृत हमला बताया। इजराइल ने कहा कि ईरानी मिसाइलों ने देश के नॉर्थ और साउथ को टारगेट किया। इजराइल ने कहा कि उसकी रक्षा प्रणाली ने ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करते हुए हिजबुल्लाह के हमलों को भी विफल कर दिया। बावजूद इसके हमले के दौरान आग लग गई, और दो लोग मामूली घायल हो गए। मैगन डेविड एडोम एम्बुलेंस सर्विस ने कहा कि 35 साल की एक महिला और 50 साल का एक पुरुष इस हमले की चपेट में आ गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा कि हिजबुल्लाह के हमले का संकेत मिलते ही लोगों को सावधान कर दिया गया। गैलिली और हाइफ़ा में सायरन बजाए गए। सायरन की आवाज लेबनान बॉर्डर से 50 किलोमीटर तक के इलाकों में सुनी गई। आईडीएफ का आकलन है कि हिजबुल्लाह ने उत्तर में कम से कम 150 रॉकेट दागे। इनमें से कई कई रॉकेट खुले इलाकों में भी गिरे।

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