News by Sunil
रांची: झारखंड अभिभावक संघ (झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष अजय राय ने झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 को जिले में सख्ती से लागू करने की मांग की है, ताकि निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में संघ ने जिला उपायुक्त से मांग की कि सभी निजी विद्यालयों में फीस निर्धारण समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि से पहले अभिभावकों की सहमति लेना सुनिश्चित किया जाए।संघ ने यह भी कहा कि स्कूलों द्वारा किताबों की सूची अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।अजय राय ने आरोप लगाया कि यदि संबंधित अधिनियम का सही तरीके से पालन किया जाता, तो विद्यालय प्रबंधन की मनमानी पर पहले ही रोक लग सकती थी, लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है।उन्होंने कहा कि जिले के कई निजी विद्यालय अभिभावकों से पुनः प्रवेश शुल्क, वार्षिक शुल्क, विकास कोष और भवन कोष के नाम पर भारी-भरकम रकम वसूल रहे हैं। इसके अलावा, कुछ विद्यालयों के प्रबंधन द्वारा अभिभावकों पर निर्धारित दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।एसोसिएशन ने प्रशासन से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर अभिभावकों को राहत दिलाने की मांग की है।
