रांची: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का सकल बजट अनुमान प्रस्तुत किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इस बजट को राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने, आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने और कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे क्षेत्रों को ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में केंद्रित बताया है।
राजस्व व्यय के लिए 1,20,851.90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 9.2 प्रतिशत अधिक है। वहीं पूंजीगत व्यय 8.5 प्रतिशत बढ़ाकर 37,708.10 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है।
राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के अनुमानित जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत है।
वर्तमान मूल्य पर राज्य का जीएसडीपी वर्ष 2024-25 में लगभग 5.16 लाख करोड़ रुपये रहा है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए करीब 14 प्रतिशत वार्षिक विकास दर हासिल करने की योजना है।
बजट के लिए राज्य को अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर-कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़ तथा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी से 51,236.38 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इसके अलावा 22,049.96 करोड़ रुपये लोक ऋण से प्राप्त होंगे।
स्थानीय निकायों को मजबूती
पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध स्व-कर राजस्व का 4 प्रतिशत हस्तांतरित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए 1,172.66 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
कृषि और ग्रामीण विकास पर जोर
महिला किसान खुशहाली योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नकदी फसल विकास एवं विस्तार योजना के लिए 19.88 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
हर विधानसभा क्षेत्र में कॉपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स सह सोलर पैनल आधारित कोल्ड रूम निर्माण के लिए 162.20 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,000 करोड़ और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 730 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और कौशल विकास पर फोकस
सभी राजकीय पॉलिटेक्निक को जे-प्रगति योजना के तहत झारखंड इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। छह चयनित आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर प्रशिक्षण शुरू करने की योजना है।
राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी। 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन स्थापित होगी तथा सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथलैब की स्थापना की जाएगी। 750 “अबुआ दवाखाना” खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से राज्य को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 45 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य की आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और ग्रामीण-शहरी संतुलित विकास की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।
रांची: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का सकल बजट अनुमान प्रस्तुत किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इस बजट को राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने, आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने और कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे क्षेत्रों को ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में केंद्रित बताया है।
राजस्व व्यय के लिए 1,20,851.90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 9.2 प्रतिशत अधिक है। वहीं पूंजीगत व्यय 8.5 प्रतिशत बढ़ाकर 37,708.10 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है।
राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के अनुमानित जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत है।
वर्तमान मूल्य पर राज्य का जीएसडीपी वर्ष 2024-25 में लगभग 5.16 लाख करोड़ रुपये रहा है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए करीब 14 प्रतिशत वार्षिक विकास दर हासिल करने की योजना है।
बजट के लिए राज्य को अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर-कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़ तथा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी से 51,236.38 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इसके अलावा 22,049.96 करोड़ रुपये लोक ऋण से प्राप्त होंगे।
स्थानीय निकायों को मजबूती
पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध स्व-कर राजस्व का 4 प्रतिशत हस्तांतरित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए 1,172.66 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
कृषि और ग्रामीण विकास पर जोर
महिला किसान खुशहाली योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नकदी फसल विकास एवं विस्तार योजना के लिए 19.88 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
हर विधानसभा क्षेत्र में कॉपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स सह सोलर पैनल आधारित कोल्ड रूम निर्माण के लिए 162.20 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,000 करोड़ और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 730 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और कौशल विकास पर फोकस
सभी राजकीय पॉलिटेक्निक को जे-प्रगति योजना के तहत झारखंड इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। छह चयनित आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर प्रशिक्षण शुरू करने की योजना है।
राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी। 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन स्थापित होगी तथा सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथलैब की स्थापना की जाएगी। 750 “अबुआ दवाखाना” खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से राज्य को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 45 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य की आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और ग्रामीण-शहरी संतुलित विकास की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।
