राज्य के विभिन्न जिले से आए स्कूलों के प्रतिनिधि हुए शामिल
Eksandeshlive desk
राँची: देश के प्रतिष्ठित शैक्षिक प्रकाशन न्यू सरस्वती हाउस प्रकाशन नई दिल्ली द्वारा राँची में ‘झारखंड एजुकेटर कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों से आए विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं नवाचारी शिक्षण शैली को अपनाने वाले समर्पित शिक्षकों ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षाविदों का सम्मान करना तथा हिंदी भाषा शिक्षण और केंद्रिक दक्षता विकास के नए आयामों पर संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन में कुशल नेतृत्व प्रदान करने वाले प्रधानाचार्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं हिंदी भाषा शिक्षण को रचनात्मक और प्रभावी बनाने के लिए नवाचारपूर्ण प्रयास करने वाले शिक्षकों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. विनोद सिंह चौहान ‘प्रसून’ ने “हिंदी भाषा शिक्षण एवं केंद्रिक दक्षता विकास” विषय पर सारगर्भित कार्यशाला का आयोजन किया। उनकी कार्यशाला में नवीन शिक्षण विधियों, विद्यार्थियों में जीवन कौशल निर्माण और कक्षा को रोचक बनाने के लिए तकनीकी एवं रचनात्मक साधनों के उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसे उपस्थित सभी शिक्षकों ने अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायी माना। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए न्यू सरस्वती हाउस प्रकाशन, नई दिल्ली के सीईओ शम्मी मानिक, मार्केटिंग हेड अनुरिमा रॉय एवं वाइस प्रेसिडेंट उस्मानी ने भी सभा को संबोधित किया। अपने उद्बोधनों में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर हो रहे सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला और शिक्षकों को नई पीढ़ी को संस्कारयुक्त, ज्ञानसम्पन्न एवं रचनात्मक नागरिक बनाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विद्यालयी शिक्षा में हिंदी भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए ऐसे आयोजनों को समय की माँग बताया।
