झारखंड में ठंड का कहर जारी, मंत्री ने दिए अलाव की व्यवस्था के निर्देश

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Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड में इन दिनों पछुआ हवाओं के कारण ठंड कहर बरपा रही है। राज्य में न्यूनतम तापमान गिरकर पांच डिग्री तक पहुंच गया है। गुरुवार को सिमडेगा में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह राज्‍य के अन्य जिलों में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट लगातार जारी है। खूंटी में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री, लोहरदगा में 7.3 डिग्री, डालटेनगंज में 8 डिग्री और रांची में एक डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

पछुआ हवाएं तीर की तरह लोगों को चुभ रहीं : वहीं गुरुवार को रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से मौसम साफ रहा, लेकिन दिन भी पछुआ हवाएं चलीं जो तीर की तरह लोगों को चुभ रही थी। राजधानी में ठंड की स्थिति ऐसी रही कि दिन में भी धूप के बावजूद भारी कनकनी महसूस की गई। इसके चलते लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। लोगों को भारी ठंड के चलते दैनिक के काम में देरी हुई। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक तापमान गोडडा में 29.7 डिग्री और सबसे कम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस सिमडेगा में रिकॉर्ड किया गया। गुरुवार को रांची में अधिकत तापमान 22.4 डिग्री, जमशेदपुर में 26.6 डिग्री, डालटेनगंज में 27.4, बोकारो में 23.5 डिग्री और चाईबासा में अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री, खूंटी में 24.9, लोहरदगा में 21.7, लातेहार में 18.2 डिग्री, सरायकेला में 36.3, गोडडा में 29.7 डिग्री और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

झारखंड में ठंड से राहत के लिए 79 लाख रुपये जारी : झारखंड में बढ़ती ठंड और शीतलहरी को देखते हुए राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। गुरुवार को आपदा प्रबंधन प्रभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने समीक्षा बैठक कर सभी 24 जिलों के उपायुक्तों को कुल 79 लाख रुपये की त्वरित राहत राशि आवंटित की है। मंत्री ने निर्देश दिया कि मुख्य चौक–चौराहों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर तुरंत अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही रात्रि में जिला प्रशासन की चलंत टीमों को तैनात करने का आदेश दिया गया है, ताकि बेघर, बुजुर्ग और गरीबों को तत्काल सहायता मिल सके। डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “ठंड से किसी व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जरूरतमंदों को तुरंत राहत मिले, यही सरकार का लक्ष्य है।” उन्होंने बताया कि आवंटित राशि को जिला स्तर पर आवश्यकतानुसार खर्च किया जाएगा, ताकि अलाव और अन्य राहत कार्य बिना देरी शुरू हो सकें।

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