झारखंड उच्च न्यायालय ने जज से विवाद मामले में वकील महेश तिवारी को जारी किया अवमानना ​​नोटिस

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Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश और एक वकील के बीच हुए विवाद मामले में अधिवक्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अदालत ने अधिवक्ता से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जाए। अदालत ने अधिवक्ता को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। दरअसल, जस्टिस राजेश कुमार के साथ दुर्व्यवहार के मामले में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को पांच जजों की पूर्ण पीठ में सुनवाई हुई। अदालत ने सुनवाई करते हुए अधिवक्ता महेश तिवारी के विरुद्ध अवमानना का नोटिस जारी किया है। अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

अब इस मामले में 11 नवंबर को सुनवाई होगी : दरअसल, गुरुवार को उच्च न्यायालय के जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में एक मामले की सुनवाई चल रही थी, उसी दौरान जज से अधिवक्ता महेश तिवारी की नोक-झोंक हुई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायाधीश ने अधिवक्ता महेश तिवारी से उक्त घटना पर उनका पक्ष जानना चाहा, जिस पर महेश तिवारी ने कहा कि उन्होंने पूरे होश में जस्टिस राजेश कुमार से उक्त बातें कहीं हैं। उन्होंने उसपर अपना कोई पछतावा व्यक्त नहीं किया। उच्च न्यायालय में अब इस मामले में 11 नवंबर को सुनवाई होगी। पांच जजों की पूर्ण पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद, जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय, जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस राजेश शंकर शामिल थे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक अधिवक्ता के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हुई थी, लेकिन माफी मांगने पर उसके खिलाफ चल रही कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।

वन भूमि घोटाले में गिरफ्तार विनय सिंह की याचिका खारिज : वन भूमि घोटाला में गिरफ्तार ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को झारखंड उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है। विनय सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। विनय सिंह की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के पास आरोपी के विरुद्ध प्रथम दृष्टया ठोस सबूत हैं। विनय की याचिका पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अम्बुज नाथ की अदालत में सुनवाई हुई। विनय सिंह की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा, जबकि एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया और अभिषेक कृष्ण ने पक्ष रखा। उल्लेखनीय है कि विनय सिंह को एसीबी ने 26 सितंबर को हजारीबाग में हुए वन भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। विनय सिंह के बाद एसीबी ने इसी केस के दूसरे आरोपी विजय सिंह को बीते सोमवार को गिरफ्तार किया। एसीबी ने इस मामले में कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है।

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