झटका: रांची भाजपा में बड़ी टूट, जिला सह मंत्री अनुपमा देवी ने दिया इस्तीफा

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News by Mustaffa

आरोप: दलित-आदिवासी हितों की अनदेखी, अंतरात्मा की आवाज पर छोड़ा साथ
रांची: झारखंड भाजपा में शनिवार को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा झटका लगा, जब रांची जिला ग्रामीण की सह मंत्री और ओरमांझी क्षेत्र की सक्रिय नेत्री अनुपमा देवी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने पद के साथ-साथ भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए अपने इस्तीफा पत्र में अनुपमा देवी ने पार्टी नेतृत्व और नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने भारी मन से और अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है।
दलित-आदिवासी हितों की अनदेखी का आरोप
अपने पत्र में अनुपमा देवी ने कहा कि एक जनसेविका के रूप में वे हमेशा दलित और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध रही हैं, लेकिन हाल के समय में पार्टी की कार्यशैली इन वर्गों के हितों के विपरीत जाती दिखाई दे रही है।
उन्होंने लिखा कि ऐसे संगठन का हिस्सा बने रहना उनके लिए संभव नहीं है, जहाँ वंचित समाज के अधिकारों की आवाज कमजोर पड़ रही हो।
इस्तीफे के मुख्य बिंदु
दिनांक: 11 अप्रैल 2026 को इस्तीफा पत्र जारी
पद: जिला सह मंत्री, भाजपा रांची ग्रामीण
निर्णय: पद के साथ-साथ प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा
आरोप: दलित-आदिवासी कल्याण की अनदेखी
सूचना: इस्तीफे की प्रति रांची जिला ग्रामीण (पूर्वी) अध्यक्ष को भी भेजी गई
संगठन में हलचल
अनुपमा देवी को ओरमांझी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा का सक्रिय महिला चेहरा माना जाता रहा है। ऐसे में उनका इस्तीफा पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खासकर दलित-आदिवासी वोट बैंक के संदर्भ में इसे भाजपा के लिए झटका माना जा रहा है।
हालांकि इस मामले में अभी तक भाजपा की प्रदेश इकाई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के अंदर डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू हो गई हैं।

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