सरकार ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
अजय राज
प्रतापपुर (चतरा): प्रतापपुर प्रखंड के रामपुर, बभने और जोगियारा पंचायतों में जन्म प्रमाणपत्र महाघोटाले का मामला अब झारखंड विधानसभा तक जा पहुंचा है। एक संदेश दैनिक अखबार सहित अन्य अखबारों द्वारा आठ माह पूर्व उजागर की गई इस बड़ी धांधली की गूंज अब सदन में सुनाई दी, जहां चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने पूरे मामले को गंभीरता से उठाया।विधानसभा में दिए गए अपने बयान में विधायक ने बताया कि डेढ़ वर्ष की अवधि में इन तीन पंचायतों में 15,835 जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए, जबकि इन इलाकों की कुल आबादी भी इस संख्या के आस-पास नहीं है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में स्वीकार किया कि जांच में 15,835 में से 15,795 प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, जो कि एक बड़े पैमाने पर हुए संगठित भ्रष्टाचार की पुष्टि करता है। मंत्री ने बताया कि एसडीओ जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पंचायत सचिवों ने बीडीओ के निर्देश पर निबंधन प्रणाली की आईडी और पासवर्ड निजी ऑपरेटर को सौंप दिए थे। इससे अवैध प्रमाणपत्र बनाकर भूमि हस्तांतरण, संपत्ति विवाद और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों को बढ़ावा मिला।सरकार ने सदन को अवगत कराया कि इस मामले में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर दी गई है। संबंधित पंचायत सचिवों, ऑपरेटरों और अन्य संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि एक महीने के भीतर सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनता और स्थानीय संगठनों ने इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इस बड़े घोटाले के सभी जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
