ज्योति सुरेखा वेनम ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप फाइनल में जीता कांस्य पदक

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Eksandeshlive Desk

नानजिंग (चीन) : भारत की स्टार तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेनम ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। ज्योति यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली महिला कंपाउंड तीरंदाज बन गई हैं। एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता ज्योति ने विश्व नंबर-2 एला गिब्सन (ग्रेट ब्रिटेन) को 150-145 से हराकर शानदार अंदाज में जीत दर्ज की। ज्योति ने मुकाबले में 15 में से 15 तीर पर परफेक्ट 10 स्कोर किया और कांस्य पदक सुनिश्चित किया। 29 वर्षीय ज्योति ने प्रतियोगिता की शुरुआत क्वार्टर फाइनल में अमेरिका की एलेक्सिस रूइज को 143-140 से हराकर की थी। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला विश्व नंबर-1 एंड्रिया बेसेरा (मैक्सिको) से हुआ, जहां वह 143-145 से करीबी मुकाबले में हार गईं।

पुरुष कंपाउंड वर्ग में ऋषभ यादव भारत के एकमात्र प्रतिनिधि : ज्योति ने तीसरे एंड के बाद 87-86 की बढ़त बना ली थी, लेकिन बेसेरा ने चौथे एंड में तीनों तीरों पर 10 अंक हासिल कर बढ़त पलट दी। आखिरी एंड में भी बेसेरा ने 29-28 से जीत दर्ज की और फाइनल में जगह बनाई। हालांकि ज्योति ने कांस्य पदक मुकाबले में दमदार वापसी करते हुए पांचों एंड में लगातार 10 अंक जुटाए और गिब्सन को पछाड़कर पोडियम पर जगह बनाई। यह ज्योति का तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल था। वह इससे पहले 2022 (ट्लाक्सकाला) और 2023 (हर्मोसिलो) में शुरुआती राउंड में बाहर हो गई थीं। भारत की एक और महिला कंपाउंड तीरंदाज मधुरा धामनगांवकर भी टूर्नामेंट में उतरीं, लेकिन वह पहले ही राउंड में मैक्सिको की मरियाना बरनाल से 142-145 से हारकर बाहर हो गईं। पुरुष कंपाउंड वर्ग में ऋषभ यादव भारत के एकमात्र प्रतिनिधि हैं, जो दिन में बाद में दक्षिण कोरिया के किम जोंगहो के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगे। रिकर्व वर्ग में इस बार कोई भारतीय तीरंदाज क्वालिफाई नहीं कर सका।

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