Reporting by Mustaffa
मेसरा : मेसरा ओपी क्षेत्र के रिंग रोड स्थित चूट्टू गांव के जोहार ढाबा परिसर में शनिवार को ‘क्षेत्रीय सरना समिति’ के तत्वावधान में झारखंड आंदोलन के प्रणेता और संविधान सभा के सदस्य मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की 122वीं जयंती बेहद श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। सभा की अध्यक्षता कर रहे जगत मुंडा ने कहा कि “देश के संविधान निर्माण में जयपाल सिंह मुंडा की भूमिका ऐतिहासिक थी। उन्होंने आदिवासी समाज के हक-अधिकारों और ‘जल-जंगल-जमीन’ की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया,उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। ” उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। झारखंड पार्टी एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बच्चन उरांव ने कहा जयपाल सिंह भारतीय आदिवासियों और झारखंड आंदोलन के एक सर्वोच्च नेता थे। वह जाने-माने राजनीतिक,पत्रकार,लेखक,संपादक,शिक्षाविद व जल-जंगल-जमीन के प्रहरी थे। उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर ही आदिवासियों के हक अधिकार को बचाया जा सकता है। जनजातीय सुरक्षा मंच संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने न केवल राजनीति बल्कि खेल के मैदान(हॉकी) में भी भारत का नाम सात समंदर पार रोशन किया। वे झारखंड की उस अस्मिता के प्रतीक हैं,जिन्होंने हमें अपनी पहचान पर गर्व करना सिखाया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय सरना समिति के उपाध्यक्ष प्रतुल मुंडा,हाजी अनीस,वरिष्ठ समाजसेवी भगवान दास,सनाउल्लाह अंसारी,राजू साहू,वाजेदूल अंसारी और अमित टूनू उपस्थित थे।
