Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली/बेंगलुरु : संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर नई एफआईआर होने को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला नेशनल हेराल्ड का नहीं बल्कि नेशनल हैरेसमेंट का है, जिसे भाजपा बार-बार उछालकर विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है। संसद भवन के बाहर विजय चौक के पास प्रेस वार्ता में कांग्रेस के विधि और कानून विभाग के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस पूरे मामले में न कोई अपराध हुआ है, न किसी पैसे का लेन-देन, न किसी संपत्ति का स्थानांतरण और न किसी व्यक्ति को कोई लाभ मिला है। इसके बावजूद इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताया जा रहा है। सरकार आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, सामाजिक तनाव, विदेश नीति की चुनौतियों और पड़ोसी देशों से बिगड़ते संबंध जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है। सिंघवी ने सरकार पर विपक्ष को परेशान करने और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस दबाव की राजनीति से न तो डरने वाली है और न ही पीछे हटने वाली। उनके अनुसार यह लड़ाई अदालतों, संसद और जनता तीनों स्तरों पर जारी रहेगी।
राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को बनाया जा रहा निशाना: नेशनल हेराल्ड मामले केन्द्र सरकार की कार्रवाई पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि इस मामले में राजनीतिक प्रतिशोध के चलते कार्रवाई की जा रही है। यह सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चल रहा अभियान “यातना की पराकाष्ठा” है।उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सोमवार को यहां मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि नेशनल हेराल्ड सोनिया गांधी या राहुल गांधी की निजी संपत्ति नहीं है। वे केवल इसलिए शेयरधारक हैं, क्योंकि वे कांग्रेस अध्यक्ष हैं। हम मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई बोर्डों के अध्यक्ष के रूप में काम करते हैं। जो अध्यक्ष रह चुके हैं, उनके पास शेयर होना सामान्य बात है। फिर जब वे पद छोड़ते हैं, तो उनका तबादला कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि दशकों से यह परंपरा रही है कि कांग्रेस नेता ही नेशनल हेराल्ड के अध्यक्ष होते हैं। शिवकुमार ने याद दिलाया कि पार्टी ने अपने दस्तावेजों में पहले ही कहा है कि यंग इंडिया और नेशनल हेराल्ड दोनों ही पार्टी की संपत्ति हैं, निजी संपत्ति नहीं। जांच एजेंसियों के ज़रिए गांधी परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए शिवकुमार ने कहा कि अगर राहुल गांधी को जेल भी डाल दिया जाए, तो कोई बात नहीं। बदले की ऐसी राजनीति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। राजनीति सीधी होनी चाहिए।
