केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर घटाया, कांग्रेस ने उठाया उपभोक्ताओं तक लाभ नहीं पहुंचने का सवाल

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर घटा दिया है। सरकार ने पेट्रोल पर इसको 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर अब 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीज़ल पर इसको 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य (0) कर दिया है। नई दरें शुक्रवार से लागू हो गई हैं। वित्त मंत्रालय की शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है जबकि डीजल पर यह शुल्क पहले के 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, सरकार के इस कदम से पेट्रोल- डीजल की कीमतें कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के लिए एक नया लेवी ढांचा पेश किया है। इन बदलाव के तहत, एटीएफ पर अब 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है, जिसकी आंशिक रूप से छूट के जरिए भरपाई की जाती है, जिससे विशिष्ट प्रावधान के तहत प्रभावी शुल्क लगभग 29.5 रुपये प्रति लीटर हो जाता है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसका वास्तविक लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहा है। वहीं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती करने के सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी के बावजूद उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं : कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भले ही सुर्खियों में कीमतें घटने की बात कही जा रही हो, लेकिन आम उपभोक्ताओं और डीलरों के लिए दरें लगभग जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार ने केवल ‘विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क’ में कमी की है, जो तेल विपणन कंपनियां सरकार को अदा करती हैं। उनके अनुसार, इस कदम का सीधा फायदा जनता तक नहीं पहुंचा है। खेड़ा ने इसे एक अनावश्यक कर बताते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बाद से तेल विपणन कंपनियां घाटे का सामना कर रही थीं और सरकार ने अब जाकर उस बोझ का केवल एक छोटा हिस्सा कम किया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दिखाई जा रही राहत केवल “कथानक” तक सीमित है, जबकि वास्तविकता में आम लोगों को कोई ठोस फायदा नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि सुर्खियां बनाने के बजाय उपभोक्ताओं को सीधे और वास्तविक राहत देने पर ध्यान दिया जाए। वहीं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि रामनवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बढ़ते वैश्विक संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती की है। सरकार हर परिस्थिति में देशवासियों के साथ मजबूती से खड़ी है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जनता पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े तथा उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

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