केंद्र सरकार ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम्’ करने को दी मंजूरी

NATIONAL

Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम्’ किए जाने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नए ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की प्रथम बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले साल जून में राज्य सरकार ने राज्य का नाम ‘केरलम्’ किए जाने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति इससे जुड़े विधेयक को आगे राज्य विधानसभा को उसका पक्ष जानने के लिए भेजेंगी। विधानसभा से उसका दृष्टिकोण मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद संसद में पेश किया जाएगा।

थरूर ने कहा- केरलामाइट बोलना जीवाणु जैसा, भाजपा ने केरलम् नाम को उचित ठहराया : केंद्र सरकार द्वारा केरल का नाम बदलकर केरलम् करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पूछा कि अब राज्य के निवासियों को क्या कहा जाएगा? अभी तक राज्य के लोगों को केरलाइट लेकिन अब केरलामाइट और केरलमियन कहना जीवाणु या खनिज जैसा लगेगा। हालांकि राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस कदम से प्रदेश की संस्कृति और अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की बात कही। थरूर ने एक्स पर कहा कि यह सब अच्छा है लेकिन अंग्रेजी बोलने वालों के लिए एक भाषाई समस्या खड़ी हो गई है। अब राज्य के निवासियों को क्या कहा जाएगा, यह सवाल उठता है। पहले अंग्रेजी में केरलाइट और केरलन जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता था। अब राज्य का नाम केरलम करने के बाद यहां के लोगों को केरलामाइट कहना किसी जीवाणु जैसा लगेगा और केरलमियन किसी दुर्लभ खनिज जैसा लगता है।' उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री को इस पर एक प्रतियोगिता शुरू करनी चाहिए ताकि नए नाम तय किए जा सकें। वहीं, राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा किहमारे राज्य को केरलम् कहना उचित होगा क्योंकि हम अपनी परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करते हुए एक आधुनिक और आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगे। हर मलयाली बदलाव चाहता है और झूठे वादों की राजनीति को छोड़ कर प्रदर्शन की राजनीति अपनाना चाहता है। भाजपा और एनडीए गठबंधन अधूरे कामों को पूरा करने में विश्वास रखता है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने गौरवशाली केरलम् की विरासत, इतिहास, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करें।’

Spread the love