नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने इस बजट में उच्च शिक्षा क्षेत्र के कायाकल्प के लिए कई दूरगामी निवेश प्रस्तावों की घोषणा की है। इसके तहत देश के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश के तहत नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, बालिका छात्रावास और दूरबीन जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थापना की दिशा में कई कदम उठाने की घोषणा की। महिला शिक्षा को सशक्त बनाने और दूर-दराज के क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए देश के प्रत्येक जिले में एक आधुनिक बालिका छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जो छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुलभ होगा। उच्च शिक्षा को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रमुख शहरों के पास ऐसी टाउनशिप विकसित की जाएंगी जहां शिक्षा, शोध, और छात्रों के रहने के लिए एकीकृत वैश्विक बुनियादी ढांचा होगा। देश में कौशल और तकनीकी ज्ञान की बढ़ती मांग को देखते हुए कई नए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया है। देश के चयनित उच्च शिक्षण संस्थानों में अत्याधुनिक दूरबीन और खगोलीय प्रेक्षण सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
वित्तमंत्री ने ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता’ स्थायी समिति के गठन की घोषणा की
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च स्तरीय ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता’ स्थायी समिति के गठन की घोषणा की। वित्तमंत्री में अपने भाषण में बताया कि यह उच्चस्तरीय समिति सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख चालक बनाने के उपाय सुझाएगी। लक्ष्य है कि भारत 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करे। समिति रोजगार, निर्यात और उभरती तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव का आकलन कर आवश्यक कदम सुझाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय डिजाइन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है लेकिन प्रशिक्षित डिजाइनरों की कमी है। इसे दूर करने के लिए पूर्वी भारत में चैलेंज रूट के माध्यम से एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित किया जाएगा। सरकार ने राज्यों को सहयोग देते हुए चैलेंज रूट के तहत पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव रखा है। ये टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित होंगी। इनमें विश्वविद्यालय, कॉलेज, शोध संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय परिसर शामिल होंगे। बजट में उच्च शिक्षा के एसटीईएम संस्थानों में पढ़ाई और प्रयोगशाला कार्य के दौरान छात्राओं को आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हर जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। यह कार्य वीजीएफ/पूंजी सहयोग के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चार दूरबीन अवसंरचना सुविधाओं की स्थापना या उन्नयन किया जाएगा। इनमें राष्ट्रीय विशाल सौर दूरबीन, राष्ट्रीय विशाल ऑप्टिकल इन्फ्रारेड दूरबीन, हिमालयन चंद्रा दूरबीन और कॉसमॉस-2 तारामंडल शामिल हैं।
बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा, तीन नए एनआईपीईआर बनाएगी सरकार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत केंद्र सरकार अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि इस योजना का मकसद देश में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स का उत्पादन बढ़ाना है ताकि भारत आत्मनिर्भर बने और दुनिया का प्रमुख बायोफार्मास्यूटिकल विनिर्माण केंद्र बन सके। इससे आयात पर निर्भरता घटेगी और स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी। योजना के तहत देशभर में 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त क्लिनिकल अनुसंधान केंद्र बनाए जाएंगे। इससे दवा अनुसंधान की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, नई दवाओं के विकास की रफ्तार तेज होगी और भारतीय मरीजों को अत्याधुनिक इलाज तक आसानी से पहुंच मिलेगी। साथ ही केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को भी वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त किया जाएगा ताकि दवा अनुमोदन की प्रक्रिया तेज हो सके। वित्त मंत्री ने तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) स्थापित करने और सात मौजूदा एनआईपीईआर को उन्नत करने की घोषणा की। इससे उच्चस्तरीय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उद्योग तथा शिक्षा जगत के बीच सहयोग मजबूत होगा।
