Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च स्तरीय ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता’ स्थायी समिति के गठन की घोषणा की। वित्तमंत्री में अपने भाषण में बताया कि यह उच्चस्तरीय समिति सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख चालक बनाने के उपाय सुझाएगी। लक्ष्य है कि भारत 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करे। समिति रोजगार, निर्यात और उभरती तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव का आकलन कर आवश्यक कदम सुझाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय डिजाइन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है लेकिन प्रशिक्षित डिजाइनरों की कमी है। इसे दूर करने के लिए पूर्वी भारत में चैलेंज रूट के माध्यम से एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित किया जाएगा।
सरकार ने राज्यों को सहयोग देते हुए चैलेंज रूट के तहत पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव रखा है। ये टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित होंगी। इनमें विश्वविद्यालय, कॉलेज, शोध संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय परिसर शामिल होंगे। बजट में उच्च शिक्षा के एसटीईएम संस्थानों में पढ़ाई और प्रयोगशाला कार्य के दौरान छात्राओं को आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हर जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। यह कार्य वीजीएफ/पूंजी सहयोग के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चार दूरबीन अवसंरचना सुविधाओं की स्थापना या उन्नयन किया जाएगा। इनमें राष्ट्रीय विशाल सौर दूरबीन, राष्ट्रीय विशाल ऑप्टिकल इन्फ्रारेड दूरबीन, हिमालयन चंद्रा दूरबीन और कॉसमॉस-2 तारामंडल शामिल हैं।
