Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे ट्विन ट्यूब टीबीएम रोड अंडरवाटर टनल के निर्माण को मंजूरी दी है। परियोजना में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किलोमीटर लंबी सड़क-सह-रेल सुरंग शामिल है। यह भारत की पहली और विश्व की दूसरी अंडरवाटर रोड-सह-रेल सुरंग है। परियोजना टनल गोहपुर (एनएच-15) से नुमालीगढ़ (एनएच-715) तक 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। कुल लंबाई 33.7 किलोमीटर है और कुल पूंजी लागत 18,662 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने उक्त आशय के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दी। इस फैसले की जानकारी शनिवार को केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में पत्रकार वार्ता कर दी। उन्होंने बताया कि परियोजना को इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। टनल के निर्माण से सिलघाट के पास कालीभम्भोरा रोड ब्रिज के माध्यम से मौजूदा 240 किलोमीटर की यात्रा को कम हो जाएगी और यात्रा का समय 6 घंटे कम हो जाएगा। इससे असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को लाभ मिलेगा। इससे माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह एनएच-15 और एनएच-715 को जोड़ेगा है। रंगिया-मुकोंगसेलेक रेलवे सेक्शन और फुरकेटिंग-मारियानी लूप लाइन सेक्शन को जोड़ेगा। इसके अलावा इस परियोजना से 11 इकोनॉमिक नोड्स, 03 सोशल नोड्स, 02 टूरिस्ट नोड्स और 08 लॉजिस्टिक नोड्स के साथ-साथ 4 बड़े रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 इनलैंड वॉटरवे जुड़ेंगे। लगभग 80 लाख व्यक्ति दिवस का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होगा।
तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ी सड़क परियोनाओं को मंजूरी : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे संबंधित राज्यों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने शुक्रवार को सड़क परिवहन से जुड़ी तीन परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस फैसले की जानकारी शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पत्रकार वार्ता में दी। पहली परियोजना तेलंगाना में हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे पर गुडेबेलूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को 4 लेन तक चौड़ा करने से जुड़ी है। परियोजना की कुल लंबाई 80.01 किलोमीटर है और इसपर 3175.08 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के धमासिया-बिटाडा/मोवी और नासरपुर-मालोथा खंडों को चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। परियोजना की लंबाई 107.67 किमी है और इसपर कुल पूंजी लागत 4583.64 करोड़ रुपये खर्च आएगा। महाराष्ट्र में एनएच-160ए के घोटी – त्रिमबक (मोखाड़ा) – जव्हर – मनोर – पालघर खंड का पुनर्वास और उन्नयन किया जाएगा। इस खंड को 2 लेन और 4 लेन का बनाया जाएगा और इसमें पक्की शोल्डर सुविधा भी होगी। इसकी कुल लंबाई 154.635 किमी और कुल पूंजी लागत 3320.38 करोड़ रुपये है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन होगा, यात्रा समय में कमी आएगी और राज्यों में आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए वेंचर कैपिटल जुटाने के उद्देश्य से 10 हजार करोड़ रुपये कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की स्थापना को मंजूरी दे दी। इस योजना का उद्देश्य दीर्घकालिक घरेलू पूंजी जुटाकर, वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत करके और देश भर में नवाचार-आधारित उद्यमिता का समर्थन करके भारत की स्टार्टअप यात्रा के अगले चरण को गति देना है। स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत शुरू किया गया स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0 भारत को दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप देशों में से एक बनाने के लिए लगभग एक दशक से किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर आधारित है। उल्लेखनीय है कि 2016 में स्टार्टअप इंडिया के लॉन्च के बाद से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में असाधारण परिवर्तन देखने को मिला है, जो 500 से भी कम स्टार्टअप से बढ़कर आज उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप तक पहुंच गया है।
