Eksandeshlive Desk
तेहरान : तेहरान : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने बुधवार को राष्ट्रीय संबोधन में अमेरिका को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा,” ईरान आत्मसमर्पण करने वाला नहीं है। सनद रहे कि एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने का आह्वान किया था। अमेरिका के सीएनएन चैनल की खबर के अनुसार खामेनेई ने कहा,” अमेरिकियों को बता दें कि ईरानी राष्ट्र आत्मसमर्पण करने वाला नहीं है और उनकी ओर से किसी भी सैन्य हस्तक्षेप से निस्संदेह अपूरणीय क्षति होगी।” खामेनेई ने कहा कि पिछले सप्ताह इजराइल के ईरान पर हमला शुरू करने के बाद यह उनकी दूसरी सार्वजनिक टिप्पणी है। जो लोग समझदार हैं, वह ईरान और उसके नागरिकों के इतिहास से परिचित हैं। वे लोग कभी ईरान से धमकी की भाषा में बात नहीं करते हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना की खबर में भी कहा गया कि ईरान की इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने राष्ट्र पर सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने जोर दिया है कि ईरान थोपे गए युद्ध और थोपी गई शांति दोनों के सामने मजबूती से खड़ा रहेगा।
खामेनेई पर ट्रंप की धमकी बेअसर, ईरान के सर्वोच्च नेता का ऐलान-अब तो युद्ध शुरू हो चुका है : उल्लेखनीय है कि ईरान और इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष बुधवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर कोई असर नहीं पड़ा है। खामेनेई ने एक्स हैंडल पर कहा, “युद्ध शुरू हो गया है।” व्हाइट हाउस ने कहा कि कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मुलाकात के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोनिक बात की है। अमेरिका के द न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार और सीएनएन चैनल की खबरों में समूचे मध्य पूर्व में मंडरा रहे युद्ध के बादलों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इन खबरों के अनुसार, ट्रंप ने ईरान से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ का आह्वान कर सर्वोच्च नेता को धमकाया। राष्ट्रपति ने घोषणा की ”अब ईरान के आसमान पर हमारा पूरा और समग्र नियंत्रण है।” ट्रंप की सोशल ट्रुथ पर यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब इस बात के मजबूत संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ इजराइल के बमबारी अभियान में शामिल होने पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप के मंगलवार के ईरान के ”बिना शर्त आत्मसमर्पण” का आह्वान करने और देश के सर्वोच्च नेता की हत्या की संभावना का उल्लेख करने के बाद बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है। खुफिया रिपोर्टों की समीक्षा करने वाले अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अगर अमेरिका इजराइल का युद्ध में साथ देता है तो ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर संभावित हमलों के लिए मिसाइलों और अन्य उपकरणों को तैयार किया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ”हम ठीक से जानते हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कहां छुपे हुए हैं। हम अभी उन्हें मारना नहीं चाहते। अब ईरान के ऊपर आसमान पर हमारा पूरा और समग्र नियंत्रण है।” उन्होंने खुद को ईरान पर इजराइल के हमलों से जोड़ते हुए कहा, भले ही अमेरिकी सेना इसमें शामिल नहीं दिख रही हो।
सबसे गहरे परमाणु संवर्धन स्थल पर हमले की तैयारी : न्यूयॉर्क टाइम्स के रक्षा संवाददाताओं का मानना है कि ट्रंप का तत्काल निर्णय यह होगा कि 13,600 किलो से अधिक का बम तैनात किया जाए, जिससे इजराइल ईरान के सबसे गहरे परमाणु संवर्धन स्थल पर हमला कर सके। ईरान के खिलाफ ट्रंप की सार्वजनिक धमकियों ने अमेरिकी सांसदों के बीच कांग्रेस की युद्ध की घोषणा करने की शक्ति को वापस लेने के बारे में लंबे समय से चली आ रही बहस को फिर से उठा दिया है। हालांकि ईरान ने इजराइल पर हमलों को काफी हद तक कम कर दिया है। यह रणनीति और आवश्यकता का मिश्रण हो सकता है। दो अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप इस समय ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला करने के लिए अमेरिकी सैन्य साजो सामान का उपयोग करने का मन बना चुके हैं। एक वरिष्ठ इजराइली अधिकारी के अनुसार, इंतजार यह किया जा रहा है कि क्या ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के अभियान में पूरी मदद करेंगे। इजराइल ने घोषणा की है कि वह हमले करने को तैयार है।
