Eksandeshlive Desk
कोडरमा : शहर से सटे फुलवरिया गांव के लोगों ने पहली बार बिजली वाली दिवाली मनायी। लाेगाें ने इस मौके पर पटाखे छोड़े और साथ ही पहली बार बिजली के बल्ब भी जलाए। उल्लेखनीय है कि कोडरमा के वार्ड नंबर- एक स्थित फुलवरिया गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंची थी। कुछ दिनों पहले ही पोल गाड़े गए और बिजली के तार पहुंची। मौके पर बिजली विभाग की ओर से लोगों के बीच एलईडी बल्ब बांटे गए और कई घर में बिजली के कनेक्शन भी दिये गये। यहां 102 घर हैं, जिनमें अभी तक 92 घरों में बिजली पहुंच गई है। गांव में बिरहोर जनजाति मुख्य रूप से निवास करती है। दिवाली पर फुलवरिया का माहौल बिल्कुल अलग था और निवासियों में उत्साह दिखाई दे रहा था। गांव को बल्बों से जगमगाता देखकर बुज़ुर्ग और बच्चे, सभी खुश थे। यहां की सोबरी बिरहोरनी (70) ने कहा कि घर में बिजली जलते देखा तो काफ़ी संतोष मिला। मीना बिरहोरनी ने इसे बहुत लंबे इंतज़ार को खत्म होना बताया और कहा कि इस दिवाली से अंधेरा हमेशा के लिए छंट गया है। फुलवरिया के युवा निवासी भी उतने ही रोमांचित थे, छोटी बच्चियां अपने बनाए दीये और मिट्टी के खिलौने दिखा रही थीं।
बिजली पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा : फुलवरिया के दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए, वहां बिजली पहुंचाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कोडरमा वन्यजीव अभयारण्य की सीमा से लगे इस गांव में बिजली कनेक्शन की अनुमति लेने में काफी कठिनाई हुई। गांव तक जाने वाले रास्ते अभयारण्य के अधिकार क्षेत्र में आते थे और अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल करना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया थी। स्थानीय विधायक डॉ. नीरा यादव और सांसद अन्नपूर्णा देवी की मदद से ज़िला प्रशासन के लगातार प्रयासों से गांव में बिजली पहुंची। कई वर्षो के बाद वन विभाग ने बिजली के खंभे लगाने की अनुमति दी, जो महत्वपूर्ण सफलता थी। विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता रणधीर कुमार ने बताया कि अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त होने के बाद उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 100 घरों का विद्युतीकरण हो चुका है। उन्होंने सुरक्षा पर ज़ोर देते हुए कहा कि ग्रामीणों को सभी एहतियाती उपाय समझा दिए गए हैं। वहीं डीसी ऋतुराज ने इस उपलब्धि पर कहा कि ग्रामीणों के सपने आखिरकार पूरे हो गए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बिजली उन्हें बेहतर जीवन जीने में महत्वपूर्ण रूप से मदद करेगी। इस इलाके के निवर्तमान वार्ड पार्षद सचिन कुमार बताते हैं कि फुलवरिया में बिजली का पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। सचिन ने बताया कि गांव में फुलवरिया के लोग न केवल अंधकार के अंत का जश्न मना रहे हैं, बल्कि उनके लिए यह एक नए युग की शुरुआत भी है।
