AMIT RANJAN
सिमडेगा: शहीद विलियम लुगुन युवा मोर्चा, जलडेगा द्वारा प्रकाशित होने वाली बहुभाषी त्रैमासिक ‘डहर’ पत्रिका की ओर से करम परब की पूर्व संध्या पर आदिवासी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में लोकगीत की ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परिचय के साथ अमर जे भारती द्वारा की गयी,तत्पश्चात मंच संचालन के लिए दिव्या मुर्मू ( संथाली कवि) को मंच की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक कुमार महतो ( खोरठा गीतकार) द्वारा की गयी। इसके बाद बारी बारी से विभिन्न भाषाओं में लोकगीत की प्रस्तुति दी गयी। सबसे पहले बिरजिया भाषा के गीतकार सुरेन्द्र बिरजिया ने बिरजिया लोकगीत प्रस्तुति की। वहीं सत्यनारायण मुंडा और रचना होरो ने मुण्डारी में लोकगीत प्रस्तुत की। वंदना सोरेंग ने खड़िया में,लक्ष्मण उरांव व प्रियंका उरांव कुड़ुख ,अमित करमाली खोरठा, मोनिका सिंह भूमिज, और रामदेव बड़ाइक ने नागपुरी में अपनी मौलिक रचना लोकगीत प्रस्तुत किया।
अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष अशोक कुमार महतो द्वारा करम परब की विशेषता को विस्तार पूर्वक बताया गया। साथ ही उनके द्वारा खोरठा में करम लोकगीत प्रस्तुत की गयी। धन्यवाद ज्ञापन सह कार्यक्रम समापन की घोषणा खोरठा कवि डाॅ. कृष्णा गोप द्वारा की गयी। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डहर पत्रिका के संपादक सह केन्द्रीय विश्वविद्यालय गया के सहायक प्रोफेसर डाॅ. अनुज लुगुन ने सभी को आभार व्यक्त किया।
