Eksandeshlive Desk
मैनचेस्टर : भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर टेस्ट मैच के तीसरे दिन समाचार लिखे जाने तक मेजबान टीम ने 3 विकेट के नुकसान पर 348 रन बना लिए हैं। इंग्लैंड अब पहली पारी में भारत से केवल 10 रन पीछे है। इस समय जो रूट 71 रन और हैरी ब्रुक बिना खाता खाता खोले खेल रहे हैं। तीसरे दिन इंग्लैंड ने ऑली पोप (71) के रूप में अपना विकेट खोया। इससे पहले भारत की पहली पारी 358 रन पर समाप्त हुई। भारत ने आखिरी चार विकेट सिर्फ 21 रन के भीतर गंवाए और पहली पारी 358 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड की तरफ से कप्तान बेन स्टोक्स ने 5 विकेट झटके, जबकि जोफ्रा आर्चर को तीन विकेट मिले। वहीं, लियाम डावसन और क्रिस वोक्स को एक-एक सफलता मिली।
डकेट-क्रॉली की तूफानी बल्लेबाजी : जवाब में इंग्लैंड ने ‘बैजबॉल’ अंदाज में जवाब दिया। बेन डकेट और जैक क्रॉली ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली और पहले विकेट के लिए 166 रन की साझेदारी की। डकेट जहां 94 रन बनाकर शतक से चूक गए, वहीं क्रॉली ने 84 रन की पारी खेली। क्रॉली को रवींद्र जडेजा ने और जबकि डकेट को अंशुल कंबोज ने आउट किया। कंबोज के लिए यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट था। वहीं दूसरे दिन भी ऋषभ पंत सुर्खियों में रहे, जिन्होंने अंगूठे में फ्रैक्चर के बावजूद बल्लेबाजी की। उनकी जुझारू पारी ने सभी का ध्यान खींचा और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया। 166 रनों की ओपनिंग साझेदारी के बाद भारतीय गेंदबाजों ने वापसी की और 31 रन के भीतर दो बड़े विकेट चटकाए। अब मुकाबला संतुलन में दिखाई दे रहा है। तीसरे दिन भारत की कोशिश इंग्लैंड को कम से कम स्कोर पर रोकने की होगी, ताकि दूसरी पारी में बढ़त ली जा सके।
ऋषभ पंत की दर्द सहने की क्षमता जबरदस्त, उनका जज़्बा बेजोड़ है : भारतीय ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत की अद्भुत दर्द सहने की क्षमता और बेमिसाल जज़्बे की जमकर तारीफ की। पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले जा रहे चौथे टेस्ट के दूसरे दिन चोट के बावजूद बल्लेबाजी कर सभी का दिल जीत लिया। दरअसल, मैच के पहले दिन पंत को क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलते समय पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाया गया और स्कैन के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन दूसरे दिन, जब पहले सत्र में शार्दुल ठाकुर का विकेट गिरा, तो ऋषभ पंत ने तमाम दर्द को नजरअंदाज करते हुए बल्लेबाजी के लिए मैदान पर वापसी की। ड्रेसिंग रूम का माहौल उस वक्त बेहद भावुक था। दिन के खेल के बाद शार्दुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंत की हिम्मत और जुझारूपन की तारीफ करते हुए कहा, “हम सब यह देखने के लिए उत्साहित थे कि वह अपनी पारी को कैसे आगे बढ़ाएंगे। जो जज़्बा उन्होंने आज दिखाया वह अद्वितीय है। पहले भी हमने ऐसे कई मौके देखे हैं जब खिलाड़ी चोटिल होने के बावजूद मैदान पर डटे रहे। जैसे दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रेम स्मिथ का वह पल, जब उन्होंने फ्रैक्चर हाथ के साथ बल्लेबाजी की थी। इन क्षणों में खिलाड़ी की हिम्मत ही सबसे ज्यादा मायने रखती है।”
