News by मुस्तफा अंसारी
अफवाहों को नो-एंट्री,भाईचारे को ग्रीन सिग्नल,बीआईटी क्षेत्र के दिग्गजों ने की अमन की अपील
मेसरा (राँची): जब दिल मिलते हैं, तो त्योहारों के रंग और भी चटक हो जाते हैं। बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र में इन दिनों कुछ ऐसा ही ‘हैप्पी माहौल’ है। क्षेत्र में ईद की मिठास,सरहुल की सादगी और रामनवमी का शौर्य एक साथ दस्तक दे रहे हैं। इन उत्सवों को यादगार बनाने के लिए क्षेत्र के दिग्गजों ने कमर कस ली है और साफ संदेश दिया है कि त्योहार कोई भी हो,मिठास तो बस भाईचारे की ही रहेगी। इसी कड़ी में आजसू के रांची जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य संजय कुमार महतो ने ग्रामीणों के साथ चौपाल सजाई। उन्होंने बड़े ही मजेदार अंदाज में समझाया कि त्योहारों की असली रौनक चेहरों की मुस्कान में है,किसी विवाद में नहीं। उन्होंने कहा,प्रशासन तो अपना काम करेगा ही,लेकिन शांति बनाए रखना हमारी अपनी नैतिक कर्तव्य नहीं बल्कि होम ड्यूटी है। क्षेत्रीय सरना समिति के प्रदेश अध्यक्ष सह झारखंड पार्टी के कद्दावर नेता बच्चन उरांव ने मेसरा की रवायत को याद दिलाते हुए कहा कि हमारा क्षेत्र वो गुलदस्ता है जहाँ सरहुल की पूजा और ईद की खुशियां एक ही आंगन में परोसी जाती हैं। उन्होंने इस तालमेल को मेसरा की असली पहचान बताया। नेवरी मुखिया साधो उरांव और केदल मुखिया राहुल मुंडा ने युवाओं को शांति दूत बनने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपील की है कि,सोशल मीडिया के भ्रामक संदेशों को तुरंत डिलीट करें,फॉरवर्ड नहीं। सरहुल शोभायात्रा और रामनवमी जुलूस के दौरान प्रशासन का सहारा बनें। जुलूस में एक-दूसरे के धर्म और परंपरा का सम्मान करना ही सबसे बड़ा प्रसाद है। अंत में सभी जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से तमाम झारखंड वासियों एवं क्षेत्रवासियों को एडवांस में बधाई दी। उन्होंने एक सुर में कहा कि त्योहार आते-जाते रहेंगे,लेकिन ‘अमन’ ही हमारा सबसे बड़ा और परमानेंट उपहार है। शांति समिति और स्थानीय पुलिस के निर्देशों का पालन करें और भाईचारे के साथ त्योहारों का आनंद लें।
