News by Mustaffa
मेसरा (रांची): बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र के मेसरा गांव सहित संपूर्ण इलाके में गुरुवार शाम उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई,जब प्राचीन माँ रक्षा काली मंदिर के अध्यक्ष एवं राजपरिवार के सदस्य भगवान शेखर की धर्मपत्नी चंचला देवी (58 वर्ष) के निधन की सूचना प्राप्त हुई। वे पिछले कुछ महीनों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उन्होंने गुरुवार शाम करीब 4 बजे रांची के रिम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। चंचला देवी अपने पीछे भरापूरा परिवार समेत यादों का एक ऐसा झरोखा छोड़ गई हैं,जिसमें केवल प्रेम और जनसेवा बसी है। राजपरिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उनका जीवन बेहद सादा और जमीन से जुड़ा रहा। उनके संपर्क में आने वाला हर व्यक्ति उनकी मृदुलभाषी शैली और सरल व्यवहार का कायल था। क्षेत्र के लोग बताते हैं कि उन्होंने सदैव समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी और उनके चेहरे की सहज मुस्कान कभी फीकी नहीं पड़ी। उनके निधन की खबर मिलते ही मेसरा और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा पसर गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने इसे एक व्यक्तिगत क्षति बताया है। शोक व्यक्त करते हुए लोगों ने कहा कि चंचला जी का जाना समाज के लिए एक ऐसे स्तंभ का गिरना है,जिसने हमेशा सबको साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी। उनका तटस्थ और निष्पक्ष व्यवहार हम सभी के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। परिजनों के अनुसार,उनका अंतिम संस्कार पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शुक्रवार को संपन्न किया जाएगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल राजपरिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें।
