Eksandeshlive Desk
मेसरा (रांची) : बीआईटी मोड़ केदल स्थित मनरखन महतो ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के परिसर में शुक्रवार को प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। पारंपरिक रस्मों के साथ सरहुल सह फूल खोंसी पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ढोल-नगाड़ों और मांदर की गूंज के बीच संस्थान के छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और उत्साह से पूरे माहौल को झारखंडी रंग में सराबोर कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन,कार्यक्रम का आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किया गया शानदार सामूहिक नृत्य रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सज्ज होकर छात्र-छात्राओं ने जब थिरकना शुरू किया,तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान विद्यार्थियों ने सरहुल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जिससे कार्यक्रम न केवल मनोरंजक बल्कि प्रेरणादायक भी बन गया।
संस्थान के अध्यक्ष मनरखन महतो ने कहा कि सरहुल प्रकृति के प्रति हमारी अटूट आस्था का प्रतीक है। वहीं, निदेशक मनोज कुमार महतो ने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना का विकास करते हैं। इस भव्य आयोजन की सफलता में संस्थान के हर विभाग के दिग्गजों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। ट्रस्टी विरेन्द्रनाथ ओहदार, खुशबू सिंह, कृति काजल, प्रबंधक मुकेश कुमार, प्रशासिका मीना कुमारी, पूनम कुमारी व बीएड कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. दूधेश्वर महतो, नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य चित्रवेल वी और पारामेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डीके शर्मा, सभी संकायों के व्याख्यातागण एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए। पूरे कार्यक्रम का सफल और ऊर्जावान संचालन लक्ष्मी खालको एवं काजल कुमारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के बाद सभी ने गौरव के साथ राष्ट्रगान गाया। समारोह का समापन सामूहिक फोटोग्राफी के साथ हुआ, जिसमें सभी चेहरों पर अपनी संस्कृति से जुड़ने की खुशी साफ झलक रही थी।
