Eksandeshlive Desk
अबुजा (नाइजीरिया) : नाइजीरिया में पूर्वोत्तर के एक गांव दारुल जमाल में बोको हरम के आतंकियों ने बड़ा हमला कर दर्जनों लोगों की हत्या कर दी। इस गांव में हाल ही में विस्थापितों को बसाया गया था। बोर्नो राज्य के गवर्नर बाबागाना जुलुम ने शनिवार देर शाम घटनास्थल का दौरा कर आतंकी हमले में 63 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की। हमले में बड़ी संख्या घायलों की है और काफी संख्या उन लोगों की है जो घटना में जान बचा कर भागने में सफल रहे। डेली ट्रस्ट के मुताबिक, बोर्नो राज्य के दारुल जमाल में संदिग्ध बोको हरम आतंकवादियों ने दर्जनों नागरिकों और अज्ञात संख्या में सैनिकों की हत्या कर दी। हमले में काफी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हमलावरों ने बर्बर तरीके से लोगों की हत्या की और घरों में आग लगा दी। हमले के दौरान काफी लोगों ने वहां से भाग कर जान बचाई।
बोको हरम का उद्देश्य पश्चिमी शिक्षा का विरोध और कट्टरपंथी इस्लामी व्यवस्था थोपना : यह घटना शुक्रवार रात करीब 9 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुई। बोर्नो राज्य के गवर्नर बाबागाना उमरा जुलुम ने शनिवार को दारुल जमाल का दौरा किया और बोको हरम आतंकियों द्वारा मारे गए 63 लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पीड़ितों में पांच सैनिक और लगभग 58 नागरिक शामिल थे। ये सभी पहले विद्रोहियों द्वारा विस्थापित किए गए थे लेकिन दो महीने पहले दारुल जमाल लौट आए। राज्य के गवर्नर उमरा जुलुम ने घटना में 63 लोगों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने समुदाय के नेताओं से मुलाकात कर कहा कि यह बहुत दुखद है। यह समुदाय कुछ महीने पहले ही बसा था और अपनी सामान्य गतिविधियां कर रहा था, लेकिन दुर्भाग्य से कल रात उन्हें बोको हरम के हमले का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि नाइजीरिया के स्थानीय जिहादियों ने साल 2009 में बोको हरम का गठन किया। इस संगठन का उद्देश्य पश्चिमी शिक्षा का विरोध करते हुए कट्टरपंथी इस्लामी व्यवस्था थोपना था। अपने इस उद्देश्य के लिए संगठन के आतंकियों ने दर्जनों बर्बर घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैला दी। साल 2021 में बोको हरम के कुख्यात नेता अबुबकर शेकाऊ के मरने के बाद संगठन दो हिस्सों में बंट गया। एक गुट इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़ा है और इसे इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (आईएसडब्ल्यूएपी) के नाम से जाना जाता है। यह गुट आमतौर पर सेना पर हमले करता है। दूसरा गुट जमातु अहलिस सुन्ना लिद्दावती वल-जिहाद (जेएएस) आम नागरिकों को निशाना बनाता है और फिरौती व लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता है।
