Eksandeshlive Desk
काठमांडू : पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते आयात और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए नेपाल सरकार ने पुरानी डीजल और पेट्रोल वाहनों को इलेक्ट्रिक (विद्युतीय) वाहनों में बदलने की अनुमति देने का नीतिगत निर्णय लिया है। नेपाल सरकार के प्रवक्ता एवं शिक्षामंत्री सस्मित पोखरेल ने बताया कि मंत्रिपरिषद की रविवार को हुई बैठक ने इसके लिए आवश्यक कानूनी अड़चनों को दूर करने और उचित व्यवस्था बनाने के लिए संबंधित निकायों को निर्देश देने का फैसला किया।
डीज़ल और पेट्रोल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए आवश्यक कानूनी व्यवस्था की जाएगी : पोखरेल ने बताया कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और ईंधन खपत कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। वर्तमान में पुराने ईंधन चालित वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के दौरान पंजीकरण, नवीकरण और तकनीकी मानकों से जुड़ी स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन मालिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। प्रवक्ता पोखरेल ने कहा कि डीज़ल और पेट्रोल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए आवश्यक कानूनी व्यवस्था की जाएगी। इससे एक ओर ईंधन पर निर्भरता कम होगी, तो दूसरी ओर नेपाल की नवीकरणीय ऊर्जा (बिजली) के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के इस फैसले के बाद अब पुराने वाहनों को कबाड़ में फेंकने के बजाय कम लागत में उन्हें पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकेगा।
नेपाल में अब हफ्ते में दो दिन सार्वजनिक अवकाश, सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुलेंगे सरकारी दफ्तर : नेपाल सरकार ने रविवार को दो महत्वपूर्ण लिए हैं, जिसके तहत अब सरकारी कार्यालयों के लिए शनिवार और रविवार को दो दिन साप्ताहिक अवकाश घोषित किया है। नए फैसले में सरकारी दफ्तरों के खुलने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि सरकारी कार्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में अब शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम आपूर्ति में उत्पन्न असहज स्थिति के कारण यह निर्णय लिया गया है। प्रवक्ता पोखरेल के अनुसार यह व्यवस्था कल सोमवार से लागू होगी। सरकार ने सरकारी कार्यालयों का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित करने का भी निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक ने शैक्षिक संस्थानों को छोड़कर अन्य सरकारी कार्यालयों का समय 9 से 5 बजे तक बनाए रखने का निर्णय किया है।यह समय-सीमा शैक्षिक संस्थानों को छोड़कर अन्य सरकारी कार्यालयों पर लागू होगी।
